उत्तर बिहार व सीमावर्ती नेपाल में पांच दिन से हो रही बारिश के कारण आधा दर्जन जिलों में बाढ़ के हालात बन गए हैं। नेपाल में नदियों का जलस्तर खतरनाक स्तर तक पहुंच गया है। शनिवार को कोसी बैराज के 56 में से 41 गेट खोलने पड़े। इससे बिहार में हालात और बिगड़ने की आशंका है। नेपाल में बाढ़ और भूस्खलन से शनिवार शाम तक 31 लोगों की मौत हो चुकी है।
बिहार के प्रधान सचिव आपदा प्रबंधन प्रत्याय अमृत ने बताया, पूर्वी चंपारण, शिवहर, सीतामढ़ी, मधुबनी, अररिया और फारबिसगंज में बाढ़ का खतरा है। गंगा, गंडक और सोन नदी में पानी उफान पर है।
मौसम विभाग ने पांच दिनों के लिए भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। मधुबनी के जयनगर प्रखंड में कमला नदी का पानी पुल के ऊपर बहने पर उसे बंद कर दिया गया। बागमती नदी का का तटबंध टूटने से दर्जनों गांवों में पानी घुस गया। हजारों हेक्टेयर फसल तबाह हो गई। मधुबनी के सरकारी कर्मियों की छुट्टी रद कर दी गई है। शिक्षण संस्थान 20 जुलाई तक बंद रहेंगे। मोतीहारी में धारा 144 लागू है।
दार्जिलिंग-सिक्किम से सिलीगुड़ी के बीच सड़क बंद
कोलकाता। भारी बारिश से उत्तर बंगाल में जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। भूस्खलन के चलते दार्जिलिंग और सिक्किम से सिलीगुड़ी के बीच नेशनल हाईवे-10 ठप हो गया है। पटरियां धंसने और जलदापाड़ा अभयारण्य में पानी भरने से न्यू जलपाईगुड़ी से अलीपुरदुआर के बीच ट्रेन बंद कर दी गई हैं। ट्रेनों को कूचबिहार होकर चलाया जा रहा है।