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कर्नाटक की राजनीति का ऊंट किस करवट बैठेगा, शिरडी पहुंचे विधायक, येदि-स्वामी फ्लोर टेस्ट को तैयार 

Sun, 14 Jul 2019 03:44 AM IST
Nilesh Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला
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कर्नाटक में सियासी संकट जारी - फोटो : ANI
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कर्नाटक में जारी सियासी उठापटक जारी है। राज्य के जनादेश के आगे सियासी दलों की राजनीति कितनी हावी हो पाएगी और यहां की राजनीति का ऊंट किस करवट बैठेगा, इसके लिए फिलहाल सुप्रीम कोर्ट के निर्णय का इंतजार है। वहीं प्रदेश के मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बीएस येदियुरप्पा सोमवार को फ्लोर टेस्ट के लिए अपना-अपना दावा ठोंक रहे हैं। 

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सीएम कुमारस्वामी ने विधानसभा में विश्वास मत प्रस्ताव का सामना करने की बात कही है। इधर, मुंबई में जमे 14 विधायकों ने शिरडी के साईं धाम का रुख कर लिया है। वहीं, स्पीकर की ओर से इस्तीफे अब तक स्वीकार न होने पर फिलहाल सुप्रीम कोर्ट के फैसले का इंतजार है।

कांग्रेस के एक नाराज विधायक नागराज ने अपने इस्तीफे पर विचार करने और अन्य कुछ विधायकों को भी इस्तीफा नहीं देने के लिए राजी करने की कोशिश करने की बात कही है। वहीं, दोनों तरफ से विधायकों को अपने खेमे में बनाए रखने के लिए जोड़-तोड़ की कोशिशें जारी हैं।
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शनिवार देर रात सीएम कुमारस्वामी प्रेस्टिज गोल्फशायर क्लब पहुंचे, जहां उनकी पार्टी जेडीएस के विधायक ठहरे हुए हैं। माना जा रहा है कि विश्वास प्रस्ताव के लिए वह अपने विधायकों से बातचीत करने को लेकर वहां गए। 
 

 

क्या है कर्नाटक का समीकरण 

कर्नाटक में पिछले साल त्रिशंकु विधानसभा के बाद गठबंधन सरकार बनी थी। तब से ही सरकार उतार-चढ़ाव के कई दौर से गुजरी है। सरकार अब गंभीर संकट से गुजर रही है। उसके 16 विधायकों ने विधानसभा से इस्तीफा दे दिया है। इनमें से 13 विधायक कांग्रेस के और तीन जद(एस) के हैं।

सत्तारूढ़ गठबंधन में अध्यक्ष को छोड़कर कुल 116 विधायक (कांग्रेस के 78, जद(एस) के 37 और बसपा के एक विधायक है। दो निर्दलीय विधायकों के समर्थन के साथ 224 सदस्यीय सदन में भाजपा के विधायकों की संख्या 107 है। अगर 16 विधायकों के इस्तीफे मंजूर किए जाते हैं तो गठबंधन में शामिल विधायकों की संख्या घटकर 100 रह जाएगी। 

पांच और बागी विधायकों ने किया सुप्रीम कोर्ट का रुख

कर्नाटक से कांग्रेस के पांच और बागी विधायकों ने उनका इस्तीफा स्वीकार नहीं करने पर विधानसभा अध्यक्ष के खिलाफ शनिवार को सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है। ये पांच विधायक आनंद सिंह, के. सुधाकर, एन. नागराज, मुनिरत्न और रोशन बेग हैं। उन्होंने कहा है कि पहले से ही लंबित दस अन्य बागी विधायकों की याचिका में उन्हें भी शामिल कर लिया जाए। इस याचिका पर मंगलवार को सुनवाई होनी है।

इससे पहले सत्तारूढ़ कांग्रेस-जदएस के जिन दस विधायकों ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। इनमें प्रताप गौड़ा पाटिल, रमेश जारकिहोली, बायराती बसावराज, बी.सी. पाटिल, एस. टी. सोमशेखर, अरबेल शिवराम हेब्बर, महेशर कुमातल्ली, के . गोपालैया, ए.एच. विश्वनाथ और नारायण गौड़ा शामिल हैं। 

सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को विधानसभा अध्यक्ष को उनके इस्तीफे और उन्हें सदन की सदस्यता से अयोग्य ठहराने पर मंगलवार तक कोई निर्णय लेने से रोक दिया था। कोर्ट ने यथास्थिति बनाए रखने का आदेश दिया है। सदन की सदस्यता से अयोग्य ठहराने के लिए स्पीकर ने उनके इस्तीफे पर अबतक कोई निर्णय नहीं किया है।

येदियुरप्पा बोले, सीएम इस्तीफा दें और नई सरकार बनने दें

पूर्व सीएम और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बीएस येदियुरप्पा ने शनिवार को कहा कि उनकी पार्टी, मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी पर विधानसभा में सोमवार को विश्वास मत हासिल करने के लिए दबाव डालेगी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस-जनता दल (एस) गठबंधन सरकार बहुमत खो चुकी है और उसका पतन अवश्यसंभावी है।

येदियुरप्पा ने शनिवार को कहा कि मुख्यमंत्री कुमारस्वामी को सोमवार को विश्वास प्रस्ताव अवश्य लाना चाहिए। उन्होंने कहा कि उनके लिए यही उचित होगा कि वे त्यागपत्र दे दें और नई सरकार का गठन होने दें।

अपनी सरकार के बने रहने के संकट के बीच एक चौंकाने वाला कदम उठाते हुये कुमारस्वामी ने शुक्रवार को राज्य विधानसभा में ऐलान किया था कि वह स्वैच्छिक रूप से विश्वास मत हासिल करना चाहते हैं ताकि विद्रोही विधायकों के इस्तीफे से पैदा हुआ भ्रम खत्म हो सके और विधानसभा अध्यक्ष से अनुरोध किया कि वह इसके लिए समय निर्धारित करें।
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खड़गे को हराने वाले भाजपा सांसद बोले, उन्हें सीएम बनाने पर खुशी होगी

मल्लिकार्जुन खड़गे
सीएम कुमारस्वामी और पूर्व सीएम येदियुरप्पा के सरकार बचाने-बनाने के दावों से इतर भाजपा सांसद उमेश जाधव ने शनिवार को कहा कि यदि चिर प्रतिद्वंद्वी मल्लिकार्जुन खड़गे को मुख्यमंत्री बनाया जाता है तो मुझे सबसे ज्यादा खुशी होगी। 

भाजपा सांसद उमेश जाधव ने कहा कि मैं इसका स्वागत करूंगा। यदि एक अनुसूचित जाति के व्यक्ति को मुख्यमंत्री बनाया जाता है तो इससे मुझे सबसे ज्यादा खुशी होगी। जाधव ने ही लोकसभा में चुनाव में खड़गे को गुलबर्गा सीट से हराया था।

उनका बयान सत्तारूढ़ गठबंधन के 16 नाराज विधायकों के इस्तीफे के बाद राज्य में उत्पन्न राजनीतिक संकट के बीच आया है। ऐसी अटकलें हैं कि बागी विधायकों में कुछ इस संकट के समाधान के लिए एचडी कुमारस्वामी के अलावा किसी अन्य को मुख्यमंत्री के रूप में देखना चाहते हैं।

कांग्रेस में अनुसूचित जाति के नेताओं का एक वर्ग कथित रूप से इस बात पर जोर दे रहा है कि उनमें से किसी एक को मुख्यमंत्री बनाया जाए। वैसे जाधव पहले कांग्रेस में ही थे और बाद में वह भाजपा में शामिल हो गये थे।
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