गुजरात हाईकोर्ट ने अपनी नौकरी छोड़ अध्यात्म की राह पकड़ने वाले एक शख्स को अपनी पत्नी के प्रति जिम्मेदारी पूरी करने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने उस शख्स से पैसा कमाने को कहा ताकि अपनी पत्नी की जरूरत को पूरा कर सके।
सुनील उडासी नाम के इस शख्स का मामला जस्टिस एमजी शाह के समक्ष पहुंचा था। शाह ने कहा कि 'अगर वह लोगों की मदद करने के इच्छुक हैं, तो उन्हें कमाने के लिए भी कुछ करना चाहिए ताकि अपनी पत्नी का खर्च उठा सके।'
हाईकोर्ट ने सुनील उडासी को उनकी पत्नी अलका उर्फ सोनी के भरण पोषण की खातिर पैसा देते रहने का आदेश दिया है। इससे पहले उडासी की पत्नी अलका ने 2002 में वड़ोदरा की अदालत में केस दर्ज कर भरण पोषण की मांग की थी।