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मायावती बोलीं, आरक्षण खत्म करना चाहती है केंद्र सरकार

Sun, 11 Sep 2016 02:46 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, दिल्ली
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मायावती
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सहारनपुर में रविवार को बसपा की चुनावी रैली में मायावती ने भाजपा पर जमकर निशाना साधा। मायावती ने कहा, मोदी सरकार आरएसएस के एजेंडे पर चलते हुए आरक्षण की समीक्षा कर उसे निष्प्रभावी करने के प्रयास में है। यह सरकार दलितों, किसानों की हितैषी नहीं है। लोकसभा चुनाव के दौरान मोदी ने गरीबों को कम दामों में राशन देने का वादा किया था लेकिन, इसके उलट उन्होंने गैस, पेट्रोल और रोजमर्रा की जरूरतों के सामान को महंगा कर दिया। जनता इस महंगाई की मार से त्रस्त आ चुकी है। मोदी का कहा अच्छा दिन अब बुरे दिन में बदल गया है। 
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मायवती ने कहा कि मोदी सिर्फ उद्योगपतियों और पूंजीपतियों की सेवा में लगे हैं क्योंकि वो इनकी ही वजह से केंद्र की सत्ता में आए हैं। यही वजह है कि वह इन पूंजीपतियों के बैंक से लिए हजारों- करोड़ों के कर्ज को माफ कर देते हैं। मायावती ने कहा कि मैं मोदी सरकार से पूछना चाहती हूं कि वो किसानों के बैंक से लिए गए कर्ज को क्यों नहीं माफ करते है? मामूली रकम के लिए किसान को इतना परेशान किया जाता है कि वो आत्महत्या कर लेता है।

मायावती ने केंद्र सरकार की नीतियों पर सवाल उठाते हुए कहा कि मोदी सरकार की सभी नीतियां अमीरों के हितों में है। 15 लाख का उनका वादा भी पूरी तरह से खोखला साबित हुआ है। एक भी गरीब को अब तक फूटी कौड़ी नहीं मिली है। जनता इन झूठे वादों के लिए आगामी चुनाव में भाजपा को सबक सिखाएगी।
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शीला दीक्षित को नहीं अपनाएगी यूपी की जनता

मायावती
सहारनपुर की रैली में मायावती ने बीजेपी के साथ-साथ कांग्रेस पर भी जमकर निशाना साधा। मायावती ने कहा कि कांग्रेस सवर्णों को आरक्षण देने का झूठा वादा कर रही है। कांग्रेस को अगर आरक्षण देना था उसने अपने शासनकाल में ऐसा क्यों नहीं किया? कांग्रेस इस मु्द्दे पर सिर्फ झूठ बोल रही है।

शीला दीक्षित पर हमला बोलते हुए मायावता ने कहा कि उनके बारे में जनता सब जानती है। उत्तर प्रदेश की जनता उन्हें कभी नहीं स्वीकारेगी। मायावती ने कांग्रेस का नारा 'कर्ज माफ और बिजली बिल हाफ' पर तंज कसते हुए कहा कि कांग्रेस का यह नारा बहकावा है, जनता को इसके बहकावे में नहीं आना चाहिए।

कई दूसरे मुद्दों पर भी मायावती ने विरोधियों पर तीखे हमले किए। भीषण उमस में राजनीतिक पारा सिर चढ़कर बोलता रहा। रैली स्थल पर तिल रखने की जगह भी नहीं थी। लाखों की भीड़ धूप में भी मायावती को सुनने वहां डटी रही।
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