सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (एसआईआई) ने टीबी का पता लगाने के लिए सीवाई-टीबी इंजेक्शन के इन-हाउस परीक्षण की अनुमति देने के लिए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय आग्रह किया है। एसआईआई से जुड़े सूत्र ने बुधवार को बताया कि इस इंजेक्शन की सुविधा देश की किसी भी सरकारी प्रयोगशाला में उपलब्ध नहीं है। उन्होंने बताया कि एसआईआई के निदेशक प्रकाश कुमार सिंह ने इस संबंध में एक पत्र लिखा है।
भारत के औषधि महानियंत्रक ने 9 मई, 2022 को सीवाई-टीबी (Cy-Tb) इंजेक्शन के बाजार प्राधिकरण को मंजूरी दे दी थी, लेकिन मंजूरी के एक साल बाद भी, भारत में परीक्षण सुविधा उपलब्ध नहीं होने के कारण इंजेक्शन बाजार में उपलब्ध नहीं हो सका है क्योंकि भारत में किसी भी सरकारी प्रयोगशाला में इससे जुड़ी सुविधा उपलब्ध नहीं है।
सूत्रों के मुताबिक, प्रकाश कुमार सिंह ने यह भी बताया कि सीवाई-टीबी इंजेक्शन टीबी का पता लगाने के लिए महत्वपूर्ण है और सरकार को इसके इन-हाउस परीक्षण की अनुमति देनी चाहिए ताकि भारत और दुनिया में बड़े पैमाने पर इंजेक्शन उपलब्ध कराया जा सके।
भारत के औषधि महानियंत्रक ने सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया के सीवाई-टीबी इंजेक्शन के लिए बाजार प्राधिकरण प्रदान किया था, जिसका उपयोग 18 वर्ष और उससे अधिक आयु वालों के लिए अव्यक्त टीबी के निदान के लिए त्वचा परीक्षण के लिए किया जा सकता है। बता दें कि सरकार ने कहा है कि भारत 2025 तक टीबी को खत्म करने के लिए प्रतिबद्ध है, जो सतत विकास लक्ष्यों (एसडीजी) 2030 द्वारा निर्धारित लक्ष्य से पांच साल पहले है।