सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया के सीईओ अदार पूनावाला ने सोमवार को एक राहत भरी खबर देते हुए कहा कि कोरोना वैक्सीन 'कोविशील्ड ' की 4-5 करोड़ खुराक सबसे पहले भारत को दी जाएगी।
उन्होंने कहा कि हमारे पास कोविशील्ड की 4-5 करोड़ खुराक है। एक बार जब हमें कुछ दिनों में विनियामक अनुमोदन मिल जाता है, तो यह सरकार को तय करना होगा कि वह कितने डोज ले सकती है और कितनी जल्दी ले सकती है। हम जुलाई 2021 तक लगभग 30 करोड़ खुराक का उत्पादन करेंगे।
उन्होंने आगे कहा कि 2021 के पहले छह महीनों में वैश्विक स्तर पर वैक्सीन की कमी देखने को मिलेगी और इसका कोई समाधान भी नहीं है, लेकिन अगस्त-सितंबर 2021 तक अन्य वैक्सीन निर्माता कंपनियां भी टीके की आपूर्ति करने में सक्षम होंगी इसलिए स्थिति थोड़ी सुधरेगी।
बता दें कि भारत में तत्काल कोविड-19 वैक्सीन पेश करने की जरूरत के मद्देनजर एसआईआई ने ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय तथा एस्ट्रोजेनका के साथ कोविशील्ड के विनिर्माण के लिए भागीदारी की थी। पुणे की कंपनी ने कोविड-19 टीके के आपात इस्तेमाल के लिए भारतीय औषधि महानियंत्रक (डीजीसीआई) के पास आवेदन किया है।
पूनावाला ने कहा कि हम पहले ही टीके की 4 से 5 करोड़ खुराक का विनिर्माण कर चुके हैं। लॉजिस्टिक्स के मुद्दों की वजह से शुरुआत में टीके को पेश करने की रफ्तार धीमी रहेगी। हालांकि, एक बार चीजें व्यवस्थित होने के बाद हम तेजी से टीका उतार सकेंगे।
उन्होंने कहा कि कंपनी की योजना अगले साल मार्च तक टीके का मासिक उत्पादन 10 करोड़ खुराक तक करने की है। पूनावाला ने बताया कि ऑक्सफोर्ड/एस्ट्राजेनेका टीके को ब्रिटेन में जल्द मंजूरी मिल जाएगी। अगले महीने तक भारत में भी टीके को मंजूरी मिलने की उम्मीद है।
उन्होंने कहा कि ज्यादातर उत्पादन भारत को मिलेगा। हालांकि, वैश्विक पहल कोवैक्स के तहत कुछ टीकों को अन्य देशों को भी दिया जाएगा।