नई दिल्ली स्थित कोटला स्टेडियम में सोमवार को पूर्व केंद्रीय मंत्री और दिल्ली क्रिकेट संघ के पूर्व अध्यक्ष अरुण जेटली की प्रतिमा का अनावरण कर दिया गया। दिग्गज स्पिनर बिशन सिंह बेदी की आपत्तियों को दरकिनार करते हुए गृह मंत्री अमित शाह ने बीसीसीआई अध्यक्ष सौरव गांगुली की मौजूदगी में इस कार्य को पूरा किया।
उधर कार्यक्रम में मौजूद डीडीसीए के अध्यक्ष रोहन जेटली ने पहली बार बेदी के लिखे खत और उसमें स्टैंड से अपना नाम हटाए जाने के मामले पर प्रतिक्रिया दी। बिशन सिंह बेदी को दिल्ली क्रिकेट का ‘भीष्म पितामह’ बताते हुए डीडीसीए अध्यक्ष ने सोमवार को कहा कि उनसे फिरोजशाह कोटला मैदान के स्टैंड से नाम हटाने की उनकी मांग वापिस लेने का अनुरोध किया जाएगा।
गौरतलब है कि किसी प्रेरणादायी खिलाड़ी की बजाय प्रशासक की प्रतिमा लगाने से खफा बेदी ने दिल्ली और जिला क्रिकेट संघ (डीडीसीए) को विवादों और भ्रष्टाचार में लिप्त बताते हुए कोटला स्टैंड से अपना नाम हटाने की मांग की थी और कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी थी।
हाल ही में डीडीसीए अध्यक्ष बने रोहन ने कहा कि अच्छा होता कि बेदी उनके दिवंगत पिता के बारे में अपमानजनक टिप्पणी करने की बजाय निजी तौर पर इस मसले पर उनसे बात करते।
रोहन ने समारोह के बाद कहा, ‘बेदी जी दिल्ली क्रिकेट के भीष्म पितामह हैं। उन्हें कोई ऐतराज था तो बातचीत के बेहतर तरीके हैं। मैं युवा हूं और मैं क्रिकेट जगत के वरिष्ठों से मार्गदर्शन की उम्मीद करता हूं। स्टैंड पर उनका नाम उनकी विरासत है, उन्हें दिया गया सम्मान है।’
उन्होंने कहा, ‘इन मसलों पर फैसला शीर्ष परिषद लेती है। यह मेरे अधिकार क्षेत्र में नहीं है। मैं किसी का नाम नहीं हटा सकता। हमने डीडीसीए में इस पर बात की। हम उनसे यह मांग वापिस लेने का अनुरोध करेंगे। डीडीसीए और बेदी जी का लंबा साथ रहा है।’
यह पूछने पर कि बेदी का नाम कोटला स्टैंड पर रहने से क्या डीडीसीए को फर्क पड़ता है, उन्होंने हां में जवाब दिया। उन्होंने कहा, ‘फर्क पड़ता है। मैं चाहता हूं कि उनका नाम वहां रहे। मैं अपने पिता के जितना उनका सम्मान करता हूं। वह मुझे डांटना चाहें तो मेरे कान खींच सकते हैं लेकिन अपमानजनक बातें नहीं करना चाहिए जिनकी जरूरत नहीं है।’
रोहन ने कहा, ‘ऐसे व्यक्ति के बारे में बुरा भला कहना जो हमारे बीच नहीं है, सही नहीं है। अगर उन्हें ऐतराज है तो मैं उनके मुंह से सुनना चाहता था, मीडिया से नहीं।’ उन्होंने कहा कि उनके डीडीसीए अध्यक्ष बनने से पहले ही स्टेडियम का नाम अरूण जेटली स्टेडियम रखने का फैसला किया गया था।