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ऑटो शंकर और स्टोन मैन सहित वो 11 साइको किलर जिनके नाम सुनकर आज भी कांप जाते हैं लोग

Thu, 13 Sep 2018 06:09 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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Killer
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पुलिस के हत्थे भोपाल का एक साइको किलर चढ़ा है जिसके गुनाहों की फेहरिस्त काफी लंबी है। 42 खून करने वाले रमन राघव या फिर ऑटो शंकर की ही तरह भोपाल के इस सीरियल किलर आदेश खामरा ने एक-दो नहीं बल्कि पूरे 33 लोगों को रात के अंधेरे में मौत की नींद सुलाया है। आइए जानते हैं ऐसे ही कुछ अपराधियों के बारे में जिन्होंने अपने सनसनीखेज और शातिराना अंदाज से कइयों को मौत की नींद सुला दिया। 
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रमन राघव

साइको किलर्स की इस सूची में मुंबई के रमन राघव का नाम भी आता है। रमन ने 40 से ज्यादा (करीब 42) लोगों की हत्या की थी। उस पर फिल्म 'रमन राघव 2.0' बनी है। राघव अपने शिकार पर रात में सोते समय 'किसी भारी भरकम चीज से हमला करता था, जिससे उनकी मौत हो जाती थी। 60 के दशक में रमन का लोगों में खौफ था। शाम होते ही मुंबई की सड़कें सूनी हो जाती थीं। 27 अगस्त 1968 को रमन को गिरफ्तार किया गया था। 1987 में हाईकोर्ट ने उसकी मौत की सजा को उम्रकैद में बदल दिया था। जेल में उम्रकैद की सजा काटते समय किडनी की बीमारी से उसकी मौत हो गई।

टैक्सी चालक गैंग

गुड़गांव में 9 टैक्सी चालकों के एक गैंग ने 28 लोगों को मौत के घाट उतारा। अपराधी गैंग बनाकर लोगों के साथ लूटपाट करते और अगर सफल नहीं हो पाते थे तो शिकार की हत्या कर देते थे। इस गैंग को प्रमोद इलियास भूरिया लीड करता था। गैंग के लोग लूट के पैसों से शराबखोरी करते थे और मजे उड़ाते थे। 

जयशंकर


तमिलनाडु निवासी जयशंकर ने 24 से ज्यादा लोगों की हत्या की। उसने सबसे पहले एक पुलिस वाले की पत्नी को अपना शिकार बनाया था। बताते हैं कि उसका अफेयर चल रहा था। जयशंकर ने तमिलनाडु और आसपास के राज्यों में कम से कम दो दर्जन महिलाओं की रेप के बाद हत्या कर दी थी। 

 

सदाशिव साहू


उत्तर प्रदेश के फुरसतगंज निवासी सदाशिव साहू ने 22 लोगों की हत्या की। उस दौरान शाहू का खौफ था। लोग उसके नाम से ही कांपते थे। जैसे ही लोग उसे भूलने की कोशिश करते वह किसी न किसी की हत्या कर देता था। वह काफी लंबे समय तक लोगों के दिमाग में रहा। वह अपनी पहचान छुपाने के लिए अक्सर अपनी  मूंछों और दाढ़ी का साहरा लेता था। कभी उन्हें बहुत बड़ी तो कभी बहुत छोटी कर लेता था। 
 

मोहन कुमार

बैंगलोर निवासी मोहन कुमार ने 20 लोगों की हत्या की। उसने अपनी एक महिला दोस्त से शादी का वादा किया। वह शादी के बहाने उसके साथ दुष्कर्म करता रहा। लेकिन बाद में उसने उसे जहर देकर मार दिया और उसके गहने लेकर चंपत हो गया। 

सुरेंद्र कोहली

चर्चित निठारी कांड में आरोपी सुरेंद्र कोहली ने नोएडा में 19 को मौत के घाट उतारा। 2006 में उसके घर के आसपास से कई लोगों के नर कंकाल मिले थे। उसने करीब 19 बच्चियों और महिलाओं की रेप के बाद हत्या कर दी थी। 

 

दरबारा सिंह

जालंधर निवासी दरबारा सिंह ने 2004 में सिर्फ 6 महीने के भीतर 18 लोगों की हत्या की। उसके निशाने पर प्रवासी परिवार रहते थे। दरबारा बच्चियों का अपहरण कर उनका रेप करता था। उसके बाद उनकी हत्या कर देता था। 

 

अंजनाबाई मोहन गवित

अंजनाबाई मोहन गवित ने अपनी दो बेटियों के साथ मिलकर 2001 में 13 बच्चों को अगवा किया था जिसमें से 9 बच्चों की इन्होंने हत्या कर दी थी। रेणुका शिंदे और सीमा मोहन गावित, दो बहनें हैं। ट्रायल के दौरान ही अंजनाबाई की पुणे की येरवदा जेल में मौत हो गई। महाराष्ट्र के कोल्हापुर जिले में रहनेवाली अंजनाबाई गावित और उसकी दो बेटियां रेणुका और सीमा को 2001 में जिला सत्र न्यायालय ने फांसी की सजा सुनाई थी। 

 

स्टोन मैन

स्टोनमैन के नाम से कुख्यात कोलकता निवासी ने 13 लोगों की हत्या की। वह ऐसे लोगों को निशाना बनाता था जिनके घर नहीं होते थे। वह ऐसे लोगों पर पत्थर की नुकीली चीज से वार कर उनकी हत्या कर देता था। 

 

रिपर चाको



केरल के रिपर चाको नाम से  कुख्यात इलियास कुनहू ने 13 लोगों की हत्या की। वह गदा से लोगों के सिर पर वार कर उनकी हत्या कर देता था। उसने 2005 में कन्नूर जेल में खुद को फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी।  

 
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ऑटो शंकर

अपराधी ऑटो शंकर ने चेन्नई में 9 लोगों की हत्या कर मौत के घाट उतारा। शंकर 80 के दशक में दहशत का पर्याय बन चुका था। फिल्मी स्टाइल में हत्या करना उसे पसंद था। कभी लोगों को जिंदा दीवार में चिनवा देना तो कभी आग में जलाने के बाद समंदर में फेंक देना उसकी सनक थी। लड़कियों की तस्करी और बेवजह लोगों को मारने में उसे खुशी मिलती थी। 
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