पीएम मोदी और श्रीलंका के पीएम महिंदा राजपक्षे(फाइल फोटो)
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श्रीलंका में राजपक्षे बंधुओं के सत्ता के शीर्ष पर काबिज होने के साथ ही दोबारा चीनी प्रभुत्व का दौर शुरू होने से आशंकित भारत ने इसका तोड़ तलाशना चालू कर दिया है। इसी का नतीजा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने छह दिन के अंदर दूसरी बार श्रीलंका में प्रधानमंत्री पद पर वापस लौटे महिंदा राजपक्षे और उनके छोटे भाई राष्ट्रपति गोटबाया राजपक्षे को चुनावी जीत के लिए बधाई दी है। बुधवार को बधाई देने के साथ ही पीएम मोदी ने दोनों देशों के बीच मजबूत संबंधों के बरकरार रहने की उम्मीद भी जताई।
श्रीलंका में पिछले सप्ताह एसएलपीपी को चुनावों में मिले भारी बहुमत के बाद बुधवार को शक्तिशाली राजपक्षे परिवार के चार सदस्यों की मौजूदगी वाली 28 सदस्यीय नई कैबिनेट ने शपथ ग्रहण की। राष्ट्रपति गोटबाया ने अहम रक्षा मंत्रालय को अपने पास बरकरार रखा, जबकि प्रधानमंत्री महिंदा राजपक्षे ने वित्त मंत्रालय की जिम्मेदारी भी संभाली है।
इस दौरान पीएम मोदी ने दोनों राजपक्षे बंधुओं को संबोधित पत्र में बधाई देते हुए कहा कि वे कोविड-19 महामारी के चलते प्रभावित हुई द्विपक्षीय अर्थव्यवस्था को पुर्नजीवित करने के साथ ही तमाम क्षेत्रों में उनके साथ काम करने को तत्पर हैं।
पीएम मोदी का यह संदेश पिछले सप्ताह श्रीलंका में चीनी राजदूत हु वेई के उस बयान को देखते हुए अहम है, जिसमें वेई ने महिंदा राजपक्षे को कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ चाइना का बधाई संदेश देते हुए उन्हें अपने राष्ट्रपति शी जिनपिंग का पुराना दोस्त बताया था। लेकिन भारत को उम्मीद है कि 2015 में राजपक्षे के सत्ता से हटकर विपक्ष में जाने के बाद भी उनके साथ रखे गए नजदीकी संबंधों के बरकरार रहने की उम्मीद है।