पूर्व नागरिक उड्डयन मंत्री और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के वरिष्ठ नेता प्रफुल्ल पटेल को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने तलब किया है। ईडी ने प्रफुल्ल पटेल को 18 अक्तूबर को दफ्तर में पेश होने के लिए समन भेजा है। प्रफुल्ल पटेल को ये समन कथित तौर पर गैंगस्टर इकबाल मिर्ची से संबंधित एक भूमि सौदे में उनका नाम सामने आने पर भेजा गया है।
प्रफुल्ल पटेल ने इन आरोपों को खारिज किया है। पटेल ने कहा कि इसमें काल्पनिक विचार और कागजात हैं, जो मीडिया में लीक किए गए हैं। जाहिर है कि आपके पास कुछ कागजात हैं जो शायद कभी मेरे ध्यान में नहीं आए। इस स्तर पर सब कुछ बॉम्बे हाईकोर्ट के पास है।
उन्होंने कहा, हम सीधे संपत्ति की देखरेख नहीं कर रहे हैं और न ही हम सीधे इसके प्रभारी हैं। ईडी के समन पर प्रफुल्ल पटेल ने कहा कि मुझे कोई नोटिस या समन नहीं मिला है। अगर मुझे नोटिस मिलता है तो मैं खुद को ईडी के समक्ष पेश करूंगा।
बता दें कि ईडी प्रफुल्ल पटेल के परिवार की कंपनी के कथित तौर पर दाऊद इब्राहिम के करीबी इकबाल मेमन मिर्ची के परिवार के साथ वित्तीय साझेदारी और जमीन सौदे की जांच कर रही है। मिर्ची के नाम से कुख्यात दिवंगत इकबाल मेमन और प्रफुल्ल पटेल के परिवार की प्रमोटिड कंपनी के बीच वित्तीय सौदा हुआ था।
पटेल के परिवार की तरफ से प्रमोटिड कंपनी मिलेनियम डेवेलपर्स प्राइवेट लिमिटेड और मिर्ची परिवार के बीच हुए लीगल अग्रीमेंट (कानूनी समझौता) की ईडी जांच कर रही है। सूत्रों का कहना है कि इस सौदे में पटेल के परिवार की कंपनी मिलेनियम डेवेलपर्स को मिर्ची परिवार की ओर से एक प्लॉट दिया गया था। मिर्ची का यह प्लॉट वर्ली के नेहरू प्लेटेरियम की प्राइम लोकेशन पर था।