देश का माहौल इस समय कई लिहाज से बेहद संवेदनशील है। यही कारण है कि भाजपा चाहती है कि गंभीर मुद्दों पर पार्टी का पक्ष बेहद संवेदनशीलता के साथ रखा जाए। इस लिहाज से पार्टी ने रोजाना अपने प्रवक्ताओं को ब्रीफ करने का फैसला किया है।
पार्टी मुख्यालय में प्रतिदिन तीन बजे होने वाली इस बैठक में पार्टी का कोई वरिष्ठ नेता प्रवक्ताओं को इस बात की जानकारी देगा कि किसी मुद्दे पर पार्टी की राय किस तरह से रखना है। यह प्रक्रिया लोकसभा चुनाव संपन्न होने तक चलती रह सकती है।
सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, बुधवार को पार्टी मुख्यालय में वित्तमंत्री अरुण जेटली ने प्रवक्ताओं की एक बैठक ली और उन्हें इस बात की जानकारी दी कि किन मुद्दों पर मीडिया में पार्टी का पक्ष किस तरह से रखा जाए।
सेना से जुड़े मुद्दे पर बेहद गंभीरता के साथ पार्टी का पक्ष रखने के लिए कहा गया है। इतना ही नहीं, किसी तकनीकी विषय पर केवल विषय के जानकार नेताओं को ही बोलने के लिए कहा गया है। इस बैठक में पार्टी प्रवक्ताओं के अलावा केंद्रीय कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद और केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावड़ेकर भी शामिल थे।
जानकारी के मुताबिक, केंद्र सरकार के वरिष्ठ मंत्रियों को मीडिया के शीर्ष संस्थानों में अपनी बात रखने के लिए कहा गया है। ऐसे मंत्री अपने मंत्रालयों-विभागों की जानकारी सटीक आंकड़ों के साथ जनता के सामने रखेंगे जिससे लोगों पर उसका सकारात्मक असर हो। नेताओं के कार्यक्रमों में किसी तरह का टकराव न हो, इस बात को ध्यान में रखने के लिए एक समन्वय स्थापित करने की बात भी कही गई है।
हालांकि, एक नेता के मुताबिक लोकसभा चुनाव को देखते हुए यह एक सामान्य प्रक्रिया है और हर लोकसभा चुनाव के दौरान पार्टी इस तरह से अपनी रणनीति तय करती है। रोजाना की बैठकों में अपनी बातों को रखने के अलावा विपक्ष के हमलों का जवाब भी तय किया जाता है।