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Maharashtra: दशहरा रैली के जरिए चुनावी माहौल बनाएंगे दोनों शिवसेना गुट; जानें किस गुट की क्या है तैयारी

Fri, 11 Oct 2024 11:32 PM IST
पवन पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई

सार

महाराष्ट्र में मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की शिवसेना और प्रतिद्वंद्वी उद्धव ठाकरे की अगुवाई वाली शिवसेना (यूबीटी) शनिवार को मुंबई में अपनी-अपनी दशहरा रैलियां आयोजित करेंगी। महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव से पहले दोनों पार्टियां एक-दूसरे पर हमला करके रैली के अपनी ताकत दिखाएंगी।
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दशहरा रैली के जरिए चुनावी माहौल बनाएंगे दोनों शिवसेना गुट - फोटो : ANI
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विस्तार
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महाराष्ट्र की राजनीति में दशहरे का बड़ा ही खास पर्व है, दरअसल अविभाजित शिवसेना के प्रमुख बाला साहब ठाकरे हर साल दशहरे के मौके पर ऐतिहासिक शिवाजी पार्क में जनता को संबोधित करते थे। लेकिन शिवसेना के विभाजन के बाद से इस साल होने वाले चुनाव को लेकर इस दशहरे की अहमियत ज्यादा हो गई है। क्योंकि दोनों शिवसेना गुटों की तरफ से दहशरे के रैलियों का आयोजन किया जाएगा और इससे राज्य में चुनावी माहौल को अपने पक्ष में करने की भरपूर कोशिश की जाएगी।
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राज्य में मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की शिवसेना और प्रतिद्वंद्वी उद्धव ठाकरे की अगुवाई वाली शिवसेना (यूबीटी) शनिवार को मुंबई में अपनी-अपनी दशहरा रैलियां आयोजित करेंगी। महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव से पहले दोनों पार्टियां एक-दूसरे पर हमला करके रैली के अपनी ताकत दिखाएंगी।

दोनों पार्टियों के नेताओं की तरफ से दावा
एक तरफ शिवसेना (यूबीटी) दादर के ऐतिहासिक शिवाजी पार्क में अपनी रैली करेगी, जबकि दूसरा गुट के प्रमुख और राज्य के सीएम एकनाथ शिंदे दक्षिण मुंबई के आजाद मैदान में अपने गुट को संबोधित करेंगे। हालांकि, राज्य में एक दिन पहले हुए भारी बारिश के कारण दोनों जगहों पर कीचड़ हो गया है। लेकिन शिवसेना (यूबीटी) नेता संजय राउत ने कहा कि इससे कोई फर्क नहीं पड़ेगा।
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वहीं शिवसेना नेता और पूर्व सांसद राहुल शेवाले ने कहा कि सीएम एकनाथ को सुनने के लिए आजाद मैदान में होने वाली रैली में करीब 2 लाख लोगों के शामिल होने की उम्मीद है। इधर परिवहन सूत्रों ने बताया कि शिंदे की अगुवाई वाली सेना ने अपने कार्यकर्ताओं को कार्यक्रम स्थल तक पहुंचाने के लिए 3,000 निजी बसें बुक की हैं। सूत्रों ने कहा कि शिंदे समूह ने 3,000 बसें बुक की हैं, जिनमें से लगभग 750 उत्तरी महाराष्ट्र के नासिक से आ रही हैं।

टीजर के जरिए एक-दूसरे पर वार-पलटवार
दशहरे की रैलियों से पहले, दोनों शिवसेना पक्षों ने टीजर भी जारी किए हैं। एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाले गुट के टीजर में एक बाघ को दिखाया गया है, जिस पर सेना लिखा हुआ है, जिसे कांग्रेस से रस्सी से बांधकर धोखा दिया जा रहा है। इस टीजर में इस्तेमाल किए गए एनिमेशन में सीएम शिंदे को उभरते हुए और तीर से रस्सी काटते हुए दिखाया गया है।

वहीं अपने टीजर में, शिवसेना (यूबीटी) महाराष्ट्र के गौरव को बचाने और गद्दारों को दफनाने की बात करती है, जो उद्धव ठाकरे के खिलाफ विद्रोह करने वाले विधायकों का संदर्भ है। इस रैली के दौरान उद्धव ठाकरे, जो अपनी पार्टी को विभाजित करने के लिए भाजपा को दोषी ठहराते हैं, अपने पूर्व सहयोगी पर भी हमला करने की उम्मीद है।

बुक किए बसों का नहीं हुआ भुगतान, बोर्ड से आमजन को हुई परेशानी
महाराष्ट्र राज्य सड़क परिवहन निगम (एमएसआरटीसी) के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि अतीत के विपरीत, शिंदे गुट ने राज्य ट्रांसपोर्टर के बेड़े से बसों का अनुरोध किया है, लेकिन देर दोपहर तक कोई भुगतान नहीं किया गया था। इस बीच, कुछ पैदल यात्रियों ने शिकायत की कि सीएम के समूह द्वारा लगाए गए बैनर और फ्लेक्स बोर्ड, खासकर बृहन्मुंबई नगर निगम मुख्यालय के बाहर, कम ऊंचाई के थे और इससे गुजरने वालों को असुविधा हो रही थी।

दशहरा रैलियों का महाराष्ट्र की राजनीति में खास महत्व
इस रैलियों से दोनों पक्षों के कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ने की उम्मीद है क्योंकि राज्य में अगले महीने चुनाव होने हैं। मौजूदा विधानसभा का कार्यकाल 26 नवंबर को समाप्त हो रहा है। दशहरा रैली अविभाजित शिवसेना के लिए एक महत्वपूर्ण स्थान रखती है, क्योंकि 1960 के दशक से इसे पार्टी के संस्थापक बाल ठाकरे शिवाजी पार्क से संबोधित करते रहे हैं। जून 2022 में शिवसेना में विभाजन के बाद, उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली पार्टी ने शिवाजी पार्क में रैलियां करना जारी रखा। शिंदे के नेतृत्व वाली सेना ने पहली बार बांद्रा कुर्ला कॉम्प्लेक्स के एमएमआरडीए मैदान में अपनी रैली की। पिछले दो सालों से शिंदे समूह आजाद मैदान में रैलियां कर रहा है।
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