सेना प्रमुख जनरल मनोज पांडे ने बुधवार को कहा कि रूस और यूक्रेन के बीच चल रहा युद्ध सूचना जंग की क्षमता, आर्थिक तंत्र के हथियारीकरण, संचार अतिरेक, अंतरिक्ष आधारित प्रणाली जैसे कई अन्य पहलुओं को लेकर सामने लेकर आया है। यह सभी तकनीक से संचालित हैं। यह बातें उन्होंने आर्मी इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, महाराष्ट्र में अपने संबोधन के दौरान कही।
जनरल मनोज पांडे ने कहा कि कोई भी देश अपनी नवीनतम, 'अत्याधुनिक' प्रौद्योगिकियों (टेक्नोलॉजी) को साझा करने का इच्छुक नहीं है। इसका मतलब है कि राष्ट्र की सुरक्षा को न तो आउटसोर्स किया जा सकता है और न ही दूसरों की उदारता पर निर्भर किया जा सकता है। सेना प्रमुख ने कहा कि महत्वपूर्ण तकनीकी में आत्मनिर्भरता अति आवश्यक है, इसे अनदेखा नहीं किया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि भारतीय सेना इन वास्तविकताओं से अवगत है। उन्होंने कहा, हमने यह सुनिश्चित करने का फैसला किया है कि हमारी क्षमताओं का विकास आत्मनिर्भरता के सिद्धांतों पर आधारित हो ताकि विशिष्ट प्रौद्योगिकियों का लाभ उठाया जा सके। भारतीय सेना इन पहलुओं पर ठोस कदम उठा रही है।
सेना प्रमुख ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा दिया गया 'जय जवान, जय किसान, जय विज्ञान, जय अनुसंधान' नारा समकालीन वास्तविकता को उपयुक्त रूप से दर्शाता है और अनुसंधान और नवाचार (रिसर्च एंड इनोवेशन) के महत्व को बताता है।