राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने केरल के कोझिकोड ट्रेन आगजनी मामले में इकलौते आरोपी शारुख उर्फ शाहरुख सैफी के खिलाफ आरोपपत्र दायर किया। अप्रैल में घटी इस घटना में एक बच्चे समेत तीन लोगों की मौत हो गई थी और नौ लोग जख्मी हो गए थे। एक अधिकारी ने शनिवार को इस मामले की जानकारी दी। अधिकारी के अनुसार, आरोपी शारुख सैफी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता, गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम, रेलवे अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत आरोप लगाए गए हैं।
अधिकारी ने कहा कि सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान की रोकथाम (पीडीपीपी) अधिनियम के तहत आरोप तय किए गए हैं। साथ ही कहा आरोपी पर दो अप्रैल को अलाप्पुझा-कन्नूर एक्जीक्यूटिव एक्सप्रेस के डी1 कोच में आग लगाकर आतंकवादी कृत्य करने का आरोप है।
आरोपी अपनी जिहादी प्रवृत्ति के तहत खुद को मशहूर करने और जनता में आतंक पैदा करना चाहता था। एनआईए के प्रवक्ता ने बताया कि नई दिल्ली के शाहीन बाग निवासी शाहरुख सैफी कट्टरपंथी इस्लामी प्रचारकों के ऑनलाइन प्रचार के चलते कट्टरपंथी बन गया था। प्रवक्ता ने बताया कि इस भयानक घटना में एकमात्र आरोपी शाहरुख ने यात्रियों पर पेट्रोल छिड़का था और लोगों को मारने के इरादे से लाइटर से बोगी में आग लगा दी थी। आरोपी चलती अलप्पुझा-कन्नूर एक्जीक्यूटिव एक्सप्रेस में चढ़ गया था। उसने आतंकी कृत्य को अंजाम दिया और महाराष्ट्र के रत्नागिरी भागने से पहले कन्नूर तक उसी ट्रेन में यात्रा करता रहा, जहां से अंततः उसे गिरफ्तार कर लिया गया।
एनआईए कर रही मामला की जांच
अधिकारी ने कहा कि जांच से पता चलता है कि उसने आतंक और आगजनी से जुड़े कृत्य के लिए केरल को चुना था। 17 अप्रैल को गृह मंत्रालय के निर्देशन में एनआईए ने मामले की जांच अपने हाथ में ले ली। अपनी जांच के दौरान, एनआईए ने दिल्ली में 10 स्थानों पर तलाशी ली और डिजिटल उपकरण जब्त किए। प्रवक्ता ने कहा, कई गवाहों से पूछताछ की गई और रेलवे स्टेशन से सीसीटीवी फुटेज भी जब्त किए गए।