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भारत-अमेरिका 'वॉर पैक्ट' पर क्या कह रहे चीनी-पाकिस्तानी अखबार

Tue, 30 Aug 2016 03:37 PM IST
बीबीसी
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भारत-अमेरिका डील - फोटो : AP
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भारत-अमरीका रक्षा समझौते पर पाकिस्तानी और चीनी मीडिया ने भारत और चीन को खबरदार करने के अलावा, भारत के अमरीका के पिछलग्गू बनने के खतरे की बात कही है।
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पाकिस्तानी वेबसाइट डॉन का कहना है, 'भारत-अमरीका रक्षा समझौता पाकिस्तान और चीन पर असर डालेगा।'

डॉन उर्दू ने सीधे-सीधे कहा है कि भारत और पाकिस्तान एक दूसरे के सैन्य अड्डो का इस्तेमाल करेंगे। वेबसाइट के मुताबिक, लॉजिस्टिक एक्सचेंज मेमोरेंडम के बाद अमरीकी नौसेना और वायुसेना के लिए भारत के सैन्य अड्डों से लड़ना आसान होगा। भारत में अमरीका का कोई सैन्य अड्डा नहीं है, लेकिन वो अब भारत के सैन्य अड्डे इस्तेमाल कर सकता है।


 
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देखें क्या कहते हैं उर्दू चैनल

भारत-अमेरिका 'वॉर पैक्ट' - फोटो : EPA
डॉन की रिपोर्ट ने इस पर अमरीकी कंपनी फोर्ब्स का हवाला दिया है। फोर्ब्स ने पहले एक लेख में कहा था, अमरीका और चीन सावधान हो जाएं, इस हफ़्ते भारत और अमेरिका बहुत बड़ा सैन्य समझौता कर सकते हैं। उर्दू टीवी चैनल समा का कहना है कि इस रक्षा सौदे का असर क्षेत्रीय सामरिक संघर्ष पर पडेगा।

चीन के सरकारी अखबार ग्लोबल टाइम्स ने अपने संपादकीय में लिखा है कि 'क्या भारत अमरीका के साथ गठबंधन की तरफ बढ़ रहा है।' अखबार का कहना है कि ऐसा समझौता करने से भारत अपनी रणनीतिक आजादी खो सकता है और 'अमेरिका का फॉलोअर' बन सकता है। चाइना रिव्यू न्यूज के मुताबिक इससे भारत स्वतंत्र तौर पर फैसले करने की आजादी गंवा देगा।
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