बांग्लादेश आतंकी हमला भारत के लिए गंभीर खतरे की घंटी है। खुफिया स्तर पर दोनों देशों के बीच सूचनाओं के हो रहे शुरुआती आदान प्रदान के मुताबिक इस हमले का इस्लामिक स्टेट (आईएस) के साथ किसी भी तरह का सीधा संबंध नहीं निकला है। लेकिन आतंकवादियों के पास असलहे और स्वचालित बंदूक होने के बावजूद बंधकों की धारदार हथियार से गला रेतकर हत्या करने के तरीके ने खुफिया और सुरक्षा तंत्र को उलझा दिया है।
एजेंसियों का मानना है कि गला रेतने के आईएस के कुख्यात तरीके का इस्तेमाल सिर्फ भारत के लिए नहीं बल्कि पूरे उप महाद्वीप के लिए चेतावनी है। गौरतलब है कि पिछले कुछ महीनों से हिंदू पुजारियों और बुद्धिजीवियों की हत्याओं के कारण भारतीय एजेंसियां बांग्लादेश पर पैनी नजर रख रही हैं।
उच्चपदस्थ खुफिया सूत्रों के मुताबिक बांग्लादेश में कुछ महीनों से तमीम चौधरी नाम का कनाडा का नागरिक हिंसक गतिविधियों में सक्रिय है। इस बात की तदस्दीक की जा रही है कि इस घटना के पीछे भी कहीं तमीम चौधरी का हाथ तो नहीं।