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पति को टुकड़ों में काटा: हत्या के बाद दूसरे शहर में जा छुपी पत्नी, एक साल बाद ऐसे खुला खौफनाक मर्डर का राज

सार

नवी मुंबई में 50 वर्षीय बलिराम कुशवाहा की हत्या के करीब एक साल बाद पुलिस ने उसकी पत्नी और उसके प्रेमी को गिरफ्तार किया। आरोप है कि दोनों ने गला घोंटकर हत्या की, शव के तीन टुकड़े कर जंगल में फेंक दिए। 

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अपराध (सांकेतिक तस्वीर)। - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
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विस्तार
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महाराष्ट्र पुलिस ने  50 वर्षीय व्यक्ति के लापता होने के लगभग एक साल बाद उसकी पत्नी और उसके प्रेमी को गिरफ्तार किया। दोनों पर कथित हत्या करने, शव के टुकड़े-टुकड़े करने और अवशेषों को नवी मुंबई के एक जंगल में फेंकने का आरोप है। यह जानकारी अधिकारियों ने मंगलवार को दी। 

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पूछताछ में क्या पता चला? 
आरोप है कि दोनों ने पिछले साल अगस्त में उस व्यक्ति की हत्या कर दी थी, लेकिन यह अपराध हाल ही में तब सामने आया जब पीड़ित के भाई ने उसके लापता होने पर संदेह जताया। राबाले एमआईडीसी पुलिस स्टेशन के हाउस ऑफिसर ने बताया कि पुलिस ने महिला और उसके प्रेमी से पूछताछ की, जिन्होंने हत्या करने और शरीर के अंगों को जंगल में फेंकने की बात कबूल कर ली।

ऑटो रिक्शा चालक के साथ था विवाहेतर संबंध
पीड़ित बलिराम सूर्यनाथ कुशवाहा अपनी पत्नी सुनीता (40) और अपने दो बच्चों के साथ नवी मुंबई के ऐरोली में रहते थे। जांचकर्ताओं के अनुसार, सुनीता का ऑटो रिक्शा चालक राहुल दशरथ प्रजापति (30) के साथ विवाहेतर संबंध था। अधिकारी ने बताया कि जब बलिराम को इस रिश्ते के बारे में पता चला और उसने इसका विरोध किया, तो दोनों ने मिलकर उसे खत्म करने की साजिश रची।

सबूत मिटाने के लिए क्या किया?

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उन्होंने बताया कि 9 अगस्त, 2025 की रात को बच्चों को एक रिश्तेदार के घर भेज दिया। इसके बाद आरोपी ने कथित तौर पर बलिराम का गला घोंट दिया, फिर उसका गला काट दिया। अपराध के सभी निशानों को मिटाने के लिए,उन्होंने उसके शरीर को तीन भागों में काट दिया। अवशेषों को बोरियों में लपेटा और प्रजापति के ऑटो रिक्शा में उन्हें गावली देव पहाड़ी जंगल में ले गए, जहां उन्होंने टुकड़ों को अलग-अलग स्थानों पर फेंक दिया। 

सच्चाई कैसे सामने आया?
बाद में सुनीता ने अपना पैतृक घर किराए पर दे दिया और अपने बच्चों के साथ नवी मुंबई के घंसोली में रहने चली गईं। यह जघन्य अपराध इस साल अप्रैल तक दबा रहा, जब बलिराम का भाई सुनीता से मिलने गया और अपने भाई के अचानक गायब होने के बारे में सुनीता के टालमटोल भरे स्पष्टीकरणों पर उसे गहरा संदेह हुआ, जिसके चलते उसने गुमशुदा व्यक्ति की शिकायत दर्ज कराई।

कई धारा के तहत मामला दर्ज
पकड़े जाने से बचने के लिए आरोपियों ने बार-बार अपने फोन और सिम कार्ड बदले। हालांकि, पुलिस ने बताया कि कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) से पता चला कि दोनों के बीच लगातार बातचीत हो रही थी। लंबी पूछताछ के दौरान दोनों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया।अधिकारी ने बताया कि उन्हें रविवार को गिरफ्तार कर लिया गया और भारतीय न्याय संहिता की धारा 103 (हत्या), 238 (सबूत नष्ट करना) और 3(5) (सामान्य इरादा) के तहत मामला दर्ज किया गया है।

उन्होंने बताया कि पुलिस ने घने गावली देव जंगल से मृतक के कुछ अवशेष बरामद किए हैं। वहीं,  शरीर के अन्य हिस्सों की तलाश जारी है। गिरफ्तारी के बाद, दोनों आरोपियों को स्थानीय अदालत में पेश किया गया, जिसने उन्हें सात दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया, अधिकारी ने आगे बताया।

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