हाईकोर्ट ने कहा, पूर्व सीएम के खिलाफ आरोप उनकी छवि को खराब करने की साजिश का हिस्सा था। हाईकोर्ट ने अपने दावों के समर्थन में पर्याप्त सबूत पेश करने में विफल रहने के लिए असम के राज्यसभा सांसद, अजीत भुइयां और अनंत कलिता की भी खिंचाई की।
गौहाटी हाईकोर्ट ने ‘गुप्त हत्या’ मामले में पूर्व सीएम प्रफुल्ल कुमार महंत को क्लीन चिट दे दी है। हाईकोर्ट ने कहा, पूर्व सीएम के खिलाफ आरोप उनकी छवि को खराब करने की साजिश का हिस्सा था। हाईकोर्ट ने अपने दावों के समर्थन में पर्याप्त सबूत पेश करने में विफल रहने के लिए असम के राज्यसभा सांसद, अजीत भुइयां और अनंत कलिता की भी खिंचाई की।
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फैसले को रखा बरकरार
गौहाटी उच्च न्यायालय ने 2018 में अपनी एकल पीठ द्वारा पारित फैसले को बरकरार रखा है, जिसमें असम के पूर्व मुख्यमंत्री प्रफुल्ल कुमार महंत को गुप्त हत्याओं के मामले में क्लीन चिट दी गई थी। यूनाइटेड लिबरेशन फ्रंट ऑफ असम (उल्फा) के परिवार के सदस्यों की गुप्त हत्याएं राज्य में 1998 से 2001 तक असोम गण परिषद (एजीपी) के नेतृत्व वाली सरकार के शासन के दौरान हुईं जब प्रफुल्ल कुमार महंत राज्य के मुख्यमंत्री थे। पत्रकार और राज्यसभा सांसद अजीत कुमार भुइयां और अनंत कालिता नाम के एक अन्य व्यक्ति ने परिसीमा अधिनियम की धारा 5 के तहत अदालत के समक्ष एक वाद-विवाद आवेदन दायर किया था, जिसमें संबंधित रिट अपील दायर करने में हुई 531 दिनों की देरी को माफ करने की मांग की गई थी, जो संबंधित रिट अपील के खिलाफ निर्देशित है।