सार
कर्नाटक सरकार ने धर्मस्थल क्षेत्र में पिछले 20 वर्षों से हो रही कथित हत्याओं, यौन हमलों और महिलाओं की गुमशुदगी की जांच के लिए एसआईटी गठित की है। एसआईटी ने मंगलवार को जंगल में 11वें स्थान पर खुदाई कराई।
दक्षिण कन्नड़ जिले के धर्मस्थल में सामूहिक कब्रों की खोज तेज कर दी गई है। कर्नाटक सरकार की ओर से गठित विशेष जांच दल ने मंगलवार को बंगलागुड्डे के वन क्षेत्र में अभियान चलाकर तीन जगहों पर खुदाई की। वहीं एसआईटी ने क्षेत्र में सुरक्षा बढ़ा दी है।
मंगलवार को पुलिस एक डॉग स्कवायड के साथ मौके पर पहुंची। एक अज्ञात स्थान का दौरा किया। वहीं 'बिंदु संख्या 11' पर खुदाई का काम शुरू हुआ। यहां मजदूरों ने सबसे पहले झाड़ियों को साफ किया। साथ ही खुदाई के लिए मशीन मंगाई गई। सूत्रों ने बताया कि एसआईटी ने मंगलवार को तीन जगहों पर खुदाई कराई। इससे पहले सोमवार को पुलिस महानिदेशक प्रणब मोहंती की निगरानी में SIT ने एक नए स्थल बंगलेगुड्डे में खुदाई करवाई थी, जहां से कई मानव खोपड़ियां और हड्डियों के टुकड़े बरामद किए गए थे।
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कैसे सामने आया पूरा मामला
यह मामला तब चर्चा में आया, जब हाल ही में पुलिस को एक व्यक्ति ने पत्र लिखा। पत्र में दावा किया गया कि कई शव दबाव में धर्मस्थल में गोपनीय रूप से दफनाए गए हैं। यह व्यक्ति बेल्तांगढी कोर्ट के सामने पेश हुआ और मजिस्ट्रेट के सामने गवाही दी, जिसमें उसने कहा कि वह धर्मस्थल और आसपास कई शव दफनाने में शामिल था। धर्मस्थल दक्षिण कन्नड़ जिले में है। यह एक प्रमुख तीर्थ स्थल है जहां भगवान मंजुनाथ की पूजा होती है।
1995 से 2014 तक की मौतों से जुड़ सकती है कड़ी
एसआईटी इस पूरे मामले को 1995 से 2014 के बीच हुई सैकड़ों अप्राकृतिक मौतों से जोड़कर देख रही है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि इस अवधि की सभी अननैचुरल डेथ रिपोर्ट्स को इकट्ठा कर लिया गया है। अब जांच में यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि बरामद कंकालों का संबंध किन मामलों से है और क्या इनका सीधा लिंक पहले दर्ज मामलों से है।
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लोगों में दहशत
कंकाल मिलने के बाद इलाके में दहशत फैल गई है। स्थानीय लोग अब इन स्थानों के पास जाने से भी डर रहे हैं। सूत्रों के अनुसार SIT अब ऐसे और संदिग्ध स्थलों को चिह्नित करने जा रही है जहां संभावित रूप से और शव दबे हो सकते हैं। पुलिस ने यह भी बताया कि जांच के दायरे में उन सभी लोगों को लिया जाएगा जिन पर पहले संदेह जताया गया था या जो इन क्षेत्रों से जुड़े हैं।