समुद्री तटों पर देश की रक्षा की तैयारियों की समीक्षा के लिए नौ सेना का दो दिवसीय रक्षा अभ्यास मंगलवार से शुरू हुआ। इस तरह के पहले और सबसे बड़े अभ्यास को सी विजिल 2019 नाम दिया गया है। 26/11 मुंबई हमले के बाद भारतीय नौ सेना कितनी मजबूत हुई है, इसकी भी समीक्षा की जाएगी। अभियान की निगरानी संयुक्त अभियान केंद्र, कोच्चि कर रहा है।
देश के इस हाई वोल्टेज एक्सरसाइज की भव्यता का अंदाजा इस बात से ही लगाया जा सकता है कि नेवी और कॉस्ट गार्ड ने अकेले 139 पानी के जहाजों की तैनाती की है। इसके अलावा 35 एयरक्राफ्ट, डॉर्नियर्स, हेलिकॉप्टर्स, ड्रोन, पेट्रोल बोट्स, कोस्टल पुलिस फोर्स और सीआईएसएफ शामिल हैं।
26/11 हमले के बाद जांच में सामने आया था कि खुफिया एजेंसी और सुरक्षा एजेंसी के बीच बेहतर कनेक्टिविटी नहीं होने की वजह से उस हमले के बारे में अधिक जानकारी नहीं जुटाई जा सकी थी। उस समय भी इस तरह की जानकारी मिली थी कि आतंकी समुद्र के रास्ते भारत में घुस सकते हैं।
अधिकारी ने बताया कि हमले के बाद तटीय इलाकों को सुरक्षित बनाने के लिए कई उपाय हुए। सुरक्षा एजेंसी और खुफिया एजेंसी के बीच तालमेल को और बेहतर बनाया गया। पहले तो करीब 600 करोड़ रुपये की लागत से कॉस्टल सर्विलांस नेटवर्क के 36 रडार स्टेशन बनाए गए। अगले फेज में 800 करोड़ रुपये की लागत से 38 स्टेशन और स्थापित किए जाएंगे।