आज भी जब आप किसी सरकारी दफ्तर जाते हैं, तो राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की प्रतिमाएं मिलती हैं, लेकिन आज भी कई ऐसे कस्बों और नगर हैं जहां आपको गांधी जी की तस्वीर नहीं मिलेगी। यह जानकर आपको हैरानी होगी कि आज से 67 वर्ष पूर्व पिथौरागढ़ के खर्कदेश के खर्कदोली गांव में एक कारीगर ने एक अखबार देखकर पत्थर पर राष्ट्रपिता की प्रतिमा बना डाली थी।
महात्मा गांधी के प्रति अपने अनुराग को प्रदर्शित करते हुए इस कारीगर ने जो पत्थर की प्रतिमा बनाई उसे मूर्त रूप देने का प्रयास किया। प्रतिमा आज भी खर्कदोली गांव में मौजूद है।
महात्मा गांधी के आंदोलन से 15 अगस्त 1947 को देश आजाद हुआ, लेकिन दुर्भाग्यवश आजादी कुछ महीनों बाद ही साल 1948 में गांधी जी की मौत हो गई। गांधी जी आजादी के आंदोलन में सक्रियता के समय ही पूरी दुनिया में छा गए थे। उनकी मौत की सूचना भी पहाड़ के दूरदराज गांवों तक पहुंच गई थी।
राष्ट्रपिता की याद में खर्कदोली गांव में 1950 में एक स्थानीय कारीगर देव राम ने पत्थर पर गांधी जी प्रतिमा उकेर दी। उसने इस प्रतिमा के नीचे मोहनदास करमचंद गांधी भी लिख दिया था।