पुलिस रिमांड की समयसीमा पूरी होने पर सोमवार को उन्हें अदालत में पेश किया गया और न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। बाद में उनके वकीलों ने जमानत की मांग की, जिसे अदालत ने स्वीकार कर लिया। विस्तृत आदेश अब तक सामने नहीं आया है।
मुंबई की एक अदालत ने पिछले हफ्ते महाराष्ट्र विधान भवन परिसर में हुई हाथापाई के मामले में गिरफ्तार लोगों को राहत दी। कोर्ट ने राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) विधायक जितेंद्र आव्हाड और भाजपा विधायक गोपीचंद पडलकर के दो समर्थकों को जमानत दे दी। कोर्ट के अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (प्रभारी) के एस झंवर ने आव्हाड के समर्थक नितिन देशमुख और पडलकर के समर्थक सरजेराव टाकले को जमानत दे दी। देशमुख के वकील नवनाथ देवकाटे ने बताया कि दोनों आरोपियों को 25-25,000 रुपये के जमानत मुचलके पर जमानत दी गई है।
विज्ञापन
क्या है मामला?
इससे पहले 17 जुलाई को विधानमंडल के मानसून सत्र के दौरान विधान भवन के भूतल पर आव्हाड और पडलकर के समर्थकों के बीच मारपीट हुई थी। घटना 16 जुलाई को दोनों विधायकों के बीच हुई तीखी बहस के बाद हुई। एक अधिकारी ने पहले बताया था कि मरीन ड्राइव पुलिस ने 18 जुलाई को देशमुख और टाकले को गैरकानूनी रूप से एकत्रित होने, शांति भंग करने के इरादे से जानबूझकर अपमान करने और मामले को शांम कराने के दौरान लोक सेवक पर हमला करने या उसे बाधित करने के आरोप में गिरफ्तार किया था।
रिमांड पूरी होने के बाद कोर्ट में किया पेश
पुलिस रिमांड की समयसीमा पूरी होने पर सोमवार को उन्हें अदालत में पेश किया गया और न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। बाद में उनके वकीलों ने जमानत की मांग की, जिसे अदालत ने स्वीकार कर लिया।
विज्ञापन
मामले पर देवेंद्र फडणवीस ने खेद जताया था
पिछले हफ्ते हुई इस घटना के बाद मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने दुख व्यक्त करते हुए कहा था कि संसदीय मर्यादा, आचरण और संवाद बनाए रखने की जिम्मेदारी हमारी है। फडणवीस ने कहा कि टाकले के खिलाफ छह आपराधिक मामले दर्ज हैं और देशमुख आठ मामलों में नामजद हैं। पडलकर और आव्हाड ने भी अपने समर्थकों के बीच हुई मारपीट पर विधानसभा में खेद व्यक्त किया था।