आपस में भिड़े शिंदे-ठाकरे गुट के कार्यकर्ता।
- फोटो : ANI
महाराष्ट्र की राजनीति में लंबे समय से खींचतान जारी है। इस बीच गुरुवार को उद्धव और शिंदे गुट के नेता आपस में ही भिड़ गए। दरअसल, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे शाम को बालासाहेब ठाकरे को श्रद्धांजलि देने मुंबई के शिवाजी पार्क पहुंचे थे। यहां नारेबाजी के दौरान दोनों गुट के बीच झड़प हो गई। बता दें, शुक्रवार को बालासाहेब की 11वीं पुण्यतिथि है।
यह है पूरा मामला
जानकारी के अनुसार, सीएम शिंदे के कार्यक्रम में कार्यकर्ताओं ने नारे लगाए कि शिवसेना उनकी पार्टी है। इसी बात से नाराज उद्धव गुट के कार्यकर्ताओं ने गद्दारों वापस जाओ के नारे लगाए, जिससे माहौल तनावपूर्ण हो गया। हालांकि, मौके पर मौजूद पुलिस ने स्थिति को संभाल लिया। मामले में मुख्यमंत्री शिंदे का कहना है कि कानून व्यवस्था बनाए रखना हर किसी की जिम्मेदारी है। कानून व्यवस्था में कोई दिक्कत न हो इसलिए मैं एक दिन पहले ही श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं। मैं घटना की निंदा करता हूं। उद्धव गुट के नेता अनिल देसाई और अनिल परब मेरे जाने के बाद पार्क गए, उन्होंने मेरे खिलाफ नारेबाजी की। शांति को भंग करने का प्रयास किया। यह निंदनीय है।
बालासाहेब सभी के हैं
शिवसेना प्रवक्ता कृष्णा हेगड़े ने बताया कि पिछली बार की तरह ही सीएम शिंदे ने एक दिन पहले ही बालासाहेब को श्रद्धांजलि अर्पित की। देसाई और परब के आने से पहले तक वहां शांति थी लेकिन उनके आते ही शांति भंग की गई। जानबूझकर उन्होंने झड़प की कोशिश की। बालासाहेब सभी के हैं। सब उन्हें श्रद्धांजलि दे सकते हैं। बालासाहेब के विचारों का पालन करना ही उनके लिए सबसे बड़ा सम्मान है।
राम मंदिर का सपना पूरा हुआ
इससे पहले एक साक्षात्कार में शिंदे ने कहा कि भाजपा बालासाहेब के सपनों को पूरा कर रही है। बालासाहेब ने अयोध्या में भव्य राम मंदिर के निर्माण का सपना देखा था, जिसे भाजपा सरकार ने पूरा करके दिखा दिया। अब 22 जनवरी को प्राण प्रतिष्ठा का इंतजार है।