शुक्रवार को शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) की बैठक में सदस्य देशों के स्वास्थ्य मंत्री मौजूद रहे। भारत की ओर से केंद्रीय मंत्री डॉ. भारती पवार के अलावा आयुष मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने भी वीडियो कान्फ्रेसिंग के जरिये हो रही बैठक में मुख्य भाषण दिया।
वन हेल्थ के तहत स्वस्थ दुनिया बनाने और भविष्य की आपदाओं से निपटने के लिए भारत ने 'वसुधैव कुटुंबकम' के जरिये पड़ोसी देशों से सहयोग मांगा है। केंद्रीय स्वास्थ्य राज्य मंत्री डॉ. भारती पवार ने कहा कि वन हेल्थ के संकल्प को पूरा करने के लिए सभी का साथ बहुत जरूरी है। वन हेल्थ में भारत की पारंपरिक चिकित्सा, शोध और अनुसंधान की अहम भूमिका होगी।
विज्ञापन
शुक्रवार को शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) की बैठक में सदस्य देशों के स्वास्थ्य मंत्री मौजूद रहे। भारत की ओर से केंद्रीय मंत्री डॉ. भारती पवार के अलावा आयुष मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने भी वीडियो कान्फ्रेसिंग के जरिये हो रही बैठक में मुख्य भाषण दिया। भारत के अलावा बैठक में चीन, कजाखस्तान, किर्गिस्तान, रूस, पाकिस्तान, ताजिकिस्तान और उज्बेकिस्तान के स्वास्थ्य मंत्री मौजूद रहे। बैठक में मंत्री भारती पावर ने कहा कि बैठक 'वसुधैव कुटुंबकम' यानी पूरी दुनिया एक परिवार है और यह भारतीय दर्शन का प्रतीक है।
चिकित्सा की पारंपरिक प्रणालियों को संरक्षित करने की जरूरत
केंद्रीय आयुष मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने कहा कि पारंपरिक प्रणालियों को संरक्षित करते हुए आधुनिक तकनीकों को अपनाने से पूरे क्षेत्र के रोगियों को एक समग्र चिकित्सा अनुभव मिलेगा। बीते तीन से चार साल के दौरान दुनिया के सभी देश वन हेल्थ पर चर्चा कर रहे हैं।