केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने सोमवार को भारत के तकनीक के सफल रोलआउट की बात पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि भारत अब सिर्फ 5G तकनीक के सफल रोलआउट और घरेलू टेलीकॉम निर्माण में ही नहीं, बल्कि 6G पेटेंट फाइल करने वाले शीर्ष छह देशों में भी शामिल हो चुका है। उन्होंने ये भी कहा कि अब सरकार डिजिटल अर्थव्यवस्था में ग्राहकों की सुरक्षा को भी प्राथमिकता दे रही है।
6G में लीडर बनने की तैयारी
साथ ही सैटेलाइट कम्युनिकेशन सेवाओं को लेकर पूछे गए सवाल पर सिंधिया ने कहा कि दो कंपनियों को पहले ही लाइसेंस मिल चुके हैं और एक तीसरी कंपनी भी प्रक्रिया के अंतिम चरण में है। अब यह कंपनियों पर निर्भर करता है कि वे अपनी सेवाएं कब शुरू करें। सरकार की भूमिका केवल लाइसेंस और स्पेक्ट्रम आवंटन की है।
'कवच' और 'संचार साथी' से ग्राहक सुरक्षा
संधिया ने आगेबताया कि ग्राहक सुरक्षा के लिए निजी कंपनियां कवच जैसे उपाय ला रही हैं जो ऑनलाइन धोखाधड़ी और स्पैम से बचाते हैं। वहीं डॉट का संचार साथी पोर्टल अब तक करीब 3.4 करोड़ फर्जी मोबाइल कनेक्शन बंद कर चुका है।
ये भी पढ़ें:- India-Pakistan Conflict: 'भारत के साथ शांति वार्ता चाहता हूं', ईरान पहुंचे पाकिस्तानी पीएम शहबाज के बदले सुर
क्या है 'संचार मित्र योजना', समझिए
गौरतलब है कि नई शुरू की गई संचार मित्र योजना के तहत देशभर के छात्र-युवाओं को डिजिटल एम्बेसडर बनाया जाएगा, ताकि वे नागरिकों को टेलीकॉम क्षेत्र की नई तकनीकों और सरकारी पहलों की जानकारी दे सकें। इससे उन्हें रोजगार की तैयारी और शोध के अवसर भी मिलेंगे।