rocket in space - सांकेतिक तस्वीर
आईआईटी गांधीनगर के वैज्ञानिकों ने एक ऐसा पदार्थ खोज निकाला है जो आने वाले समय में अंतरिक्ष मिशनों में अधिक सामान ले जाने में मदद करेगा। यह पदार्थ ईंधन की गुणवत्ता बढ़ाता है जिससे कम ईंधन में उड़ान संभव होगी और उतने ही वजन का अधिक सामान ले कर अंतरिक्ष में जाना संभव होगा।
थर्मोकिमिका एक्टा जर्नल में प्राकशित शोध के मुताबिक वैज्ञानिकों ने नैनो एडिटिव की नई श्रेणी खोज निकाली है। यह रॉकेट प्रणोदन प्रणाली में इस्तेमाल होने वाले ठोस प्रणोदक की झमता को बढ़ाता है। शोधकर्ता कबीर जसूजा और चिन्मय घोरोई के मुताबिक ठोस प्रणोदक में कई पदार्थ मिलाए जाते हैं जो उसकी जलने की दर को बढ़ाते हैं। इनकी मदद से ईंधन का सर्वाधिक इस्तेमाल संभव होता है।
आईआईटी गांधीनगर को मिली सफलता, एक चुटकी पदार्थ 70 फीसदी तक उपयोगिता बढ़ाएगा
अभी जो पदार्थ इस्तेमाल होते हैं वह ईंधन की क्षमता को 30 फीसदी तक बढ़ाते हैं मगर उनके द्वारा खोजा गए पदार्थ की बहुत थोड़ी मात्रा भी ईंधन की क्षमता को 70 फीसदी तक बढ़ा देती है। इसमें बोरोन की मात्रा अधिक होती है। आईआईटी गांधीनगर में एसोसिएट प्रोफैसर कबीर जसूजा ने बताया कि कुल ईंधन की एक फीसदी मात्रा में यह पदार्थ ईंधन की ऊर्जा उत्पादन 70 फीसदी तक बढ़ा देता है।