सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष और वरिष्ठ वकील विकास सिंह ने एक बयान में कहा है कि न्यायिक नियुक्तियों के लिए प्रक्रिया ज्ञापन को तय करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि इससे शीर्ष अदालतों में अच्छे जज नियुक्त होंगे और साथ ही जजों की नियुक्ति की प्रक्रिया की विश्वसनीयता भी बनी रहेगी। प्रक्रिया ज्ञापन सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट में जजों की नियुक्ति के नियमों और प्रक्रियाओं की सूची है।
निचली अदालतों में बुनियादी ढांचे की कमी पर जोर
सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन (SCBA) द्वारा आयोजित संविधान दिवस समारोह में बोलते हुए, विकास सिंह ने न्यायिक बुनियादी ढांचे, खासकर निचली अदालतों में कमियों पर भी जोर दिया। सिंह ने कहा, 'मैं कानून मंत्री, भारत के मुख्य न्यायाधीश और दूसरे कॉलेजियम जजों से गुज़ारिश करता हूं कि यह प्रक्रिया ज्ञापन 2016 से अटका हुआ है। प्रक्रिया ज्ञापन का मूल उद्देश्य यह पक्का करना है कि कॉलेजियम सिस्टम में ज्यादा जवाबदेही हो, और मैं अनुरोध करता हूं कि इसे जल्द से जल्द अंतिम रूप दिया जाए।'
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'प्रक्रिया ज्ञापन से जजों की गुणवत्ता अच्छी होगी'
एससीबीए अध्यक्ष ने कहा कि, 'इससे निश्चित रूप से ऊपरी अदालतों में आने वाले जजों की गुणवत्ता अच्छी होगी और इस प्रक्रिया में विश्वसनीयता आएगी। मुझे लगता है कि कॉलेजियम सिस्टम जजों की नियुक्ति के लिए सबसे अच्छा सिस्टम है, लेकिन जवाबदेही होनी चाहिए। यह या तो कॉलेजियम सिस्टम को रेगुलेट करने वाले संसद के बनाए कानून या प्रक्रिया ज्ञापन से ही लाई जा सकती है।' SCBA अध्यक्ष ने कहा कि संविधान दिवस पर इस बात पर आत्मनिरीक्षण करना चाहिए कि संविधान ने अपना वादा पूरा किया है या नहीं।