कोरोना महामारी की दूसरी लहर कमजोर पड़ने के बाद देश ने राहत की सांस ली है, लेकिन अब डेल्टा प्लस का खतरा दस्तक दे चुका है। ऐसे में केंद्र व राज्य सरकारें लगातार समीक्षा व तैयारी के लिए कदम उठा रही हैं। ऐस में अमर उजाला डॉटकॉम ने अपने पाठकों से की राय जानी। इसमें ज्यादातर लोगों ने इससे निपटने की तैयारी को लेकर आशंका जाहिर की है।
यह था पोल का सवाल और यह आई राय
अपने नियमित पोल में अमर उजाला डॉटकॉम ने पाठकों से सवाल किया था कि क्या कोरोना के डेल्टा प्लस वेरिएंट के बढ़ते मामलों के बीच सभी राज्य इससे मुकाबले के लिए तैयार हैं? पोल में शामिल हुए मात्र 21.47 फीसदी लोगों ने माना कि राज्य तैयार हैं। वहीं 78.53 फीसदी लोगों ने कहा कि राज्य तैयार नहीं हैं।
घबराएं नहीं, टीका लगवाएं
बता दें, केंद्र सरकार लगातार हालात की समीक्षा कर रही है। अब तक 12 राज्यों में डेल्टा प्लस के 52 केस मिले हैं। मप्र में इसके आठ केस मिले हैं और दो की मौत हुई है। मौत उन्हीं लोगों की हुई है, जिन्हें वैक्सीन नहीं लगी थी। ऐसे में वैक्सीन इस वेरिएंट से भी बचाव में कारगर प्रतीत हुई है। टीका लगवाकर और कोविड से बचाव के दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए डेल्टा प्लस से भी बचा जा सकता है।