भारतीय सेना के चार जवानों की एक टीम ने बिना ऑक्सीजन सिलेंडर के दुनिया की सबसे ऊंची चोटी माउंट एवरेस्ट पर चढ़ने में कामयाबी हासिल की। बिना सप्लीमेंटरी ऑक्सीजन के एवरेस्ट के शीर्ष पर पहुंचने वाली यह दुनिया की पहली टीम है।
एवरेस्ट फतह करने वाले जवानों में कुंचोक टेंडा, केलशांग दोरजी भूटिया, कालदेन पंजूर और सोनम फुंटसोक शामिल हैं।
स्नो लॉयन एवरेस्ट एक्सपीडिशन 2017 के लीडर कर्नल विशाल दुबे ने कहा, ‘हमने बिना ऑक्सीजन सिलेंडर माउंट एवरेस्ट पर चढ़ने के लिए 10 लोगों की एक टीम बनाई थी। हम बिना ऑक्सीजन के चार सदस्यों को भेजने में कामयाब रहे।’
उन्होंने कहा, ‘यह पहली बार था कि जब किसी टीम ने एवरेस्ट पर बिना सप्लीमेंटरी ऑक्सीजन सिलेंडर के चढ़ने का प्रयास किया है। हमारा लक्ष्य यह इतिहास बनाना ही था। 21 मई को एवरेस्ट की ऊंचाई नाप चुकी टीम शुक्रवार को काठमांडू लौट आई।
चार हजार से अधिक लोग कर चुके हैं एवरेस्ट फतह
अब तक चार हजार से अधिक लोग 8848 मीटर की एवरेस्ट की ऊंचाई को फतह कर चुके हैं। इनमें से महज 187 लोग ही व्यक्तिगत रूप से यानी बिना ऑक्सीजन सिलेंडर के एवरेस्ट के शीर्ष पर पहुंचने में कामयाब रहे हैं।
छह शेरपा गाइड भी बिना सप्लीमेंटरी ऑक्सीजन के एवरेस्ट के शीर्ष पर पहुंच चुके हैं। लेकिन वह टीम के रूप में नहीं थे, बल्कि अकेले गए थे।