उच्चतम न्यायालय चार हफ्ते बाद बांग्लादेश के रोहिंग्याओं सहित सभी अवैध अप्रवासियों के निर्वासन की मांग वाली याचिका पर सुनवाई करेगा। जनहित याचिका में सभी गैरकानूनी प्रवासियों और घुसपैठियों, बांग्लादेशियों और रोहिंग्याओं की पहचान करने, उन्हें रोकने और निर्वासित करने के लिए केंद्र और राज्य सरकार को अदालत द्वारा निर्देश देने की मांग की गई है।
प्रधान न्यायाधीश एस ए बोबड़े के नेतृत्व वाली पीठ ने अधिवक्ता एवं भाजपा नेता अश्विनी उपाध्याय की याचिका पर संज्ञान लिया जिसमें कहा गया है कि अवैध रोहिंग्या और बांग्लादेशी प्रवासी 'यहां के नागरिकों की रोजी-रोटी छीन रहे हैं।'
पीठ में न्यायमूर्ति संजीव खन्ना और न्यायमूर्ति सूर्यकांत भी शामिल हैं। न्यायालय ने कहा, 'इसे (जनहित याचिका) चार सप्ताह बाद सुनवाई के लिए सूचीबद्ध कीजिए।'