उच्चतम न्यायालय ने हरेन पांड्या हत्या मामले में दिए अपने पांच जुलाई के आदेश के खिलाफ दाखिल पुनर्विचार याचिकाओं को खारिज कर दिया। अपने आदेश में अदालत ने 2003 में गुजरात के पूर्व गृह मंत्री हरेन पांड्या हत्याकांड के एक अभियुक्त की सजा को बरकरार रखा था।
सात जुलाई को गुजरात के गृह मंत्री हरेन पांड्या की हत्या के मामले में उच्चतम न्यायालय ने सात अभियुक्तों को दोषी ठहराया था। इस अपील को सीबीआई और गुजरात सरकार ने दायर किया था। हरेन पांड्या गुजरात में नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली तत्कालीन राज्य सरकार में गृहमंत्री थे।
अहमदाबाद में सुबह की सैर के दौरान लॉ गार्डन के समीप 26 मार्च 2003 को गोली मारकर उनकी हत्या कर दी गई थी। सीबीआई के अनुसार, राज्य में 2002 के सांप्रदायिक दंगों का बदला लेने के लिए उनकी हत्या की गई थी। सीबीआई और राज्य पुलिस ने गुजरात उच्च न्यायालय के 29 अगस्त 2011 के फैसले को गलत बताते हुए अपील दायर की गई थी।