अजय नारायणराव गजबहार ने अदालत में यह याचिका दायर की थी, जिसमें प्रदूषण के आकलन के लिए जिला स्तर पर एक स्थायी विशेषज्ञ समिति गठित करने के निर्देश देने का अनुरोध किया गया था।
दिल्ली एनसीआर में लगातार प्रदूषण बढ़ता जा रहा है। इसी को लेकर एक व्यक्ति ने शीर्ष अदालत का दरवाजा खटखटाया था। उसने अदालत से अनुरोध किया था कि प्रदूषण के आकलन के लिए जिला स्तर पर एक स्थायी विशेषज्ञ समिति का गठन किया जाए। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने याचिका को खारिज कर दिया।
पूरी तरह से नीतिगत मामला
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प्रधान न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ की अगुवाई वाली पीठ ने कहा कि यह पूरी तरह से नीतिगत मामला है। न्यायमूर्ति जेबी पारदीवाला और न्यायमूर्ति मनोज मिश्रा वाली पीठ ने कहा, 'आपको क्या लगता है कि अगर हम देशभर के सभी जिलों में समितियां बना देंगे तो प्रदूषण खत्म हो जाएगा?'
याचिका को लिया वापस
जनहित याचिका पर सुनवाई को लेकर पीठ के अनिच्छा व्यक्त करने पर याचिकाकर्ता के वकील ने याचिका वापस ले ली। याचिका वापस लेने पर यह मान लिया गया कि याचिका को खारिज कर दिया गया।
अजय नारायणराव गजबहार ने न्यायालय में यह याचिका दायर की थी, जिसमें प्रदूषण के आकलन के लिए जिला स्तर पर एक स्थायी विशेषज्ञ समिति गठित करने के निर्देश देने का अनुरोध किया गया था।