पिछड़े वर्ग और अल्पसंख्यकों के लिए कल्याण योजनाओं के कार्यान्वयन पर विशेष जोर देते हुए बुधवार को पेश केंद्रीय बजट में अनुसूचित जाति वर्ग के लिए आवंटन में 35 प्रतिशत से अधिक वृद्धि करने के साथ अनुसूचित जनजाति व अल्पसंख्यकों के आवंटन में भी वृद्धि का प्रस्ताव किया गया है।
वित्त और कारपोरेट मामलों के मंत्री अरुण जेटली ने संसद में आम बजट 2017-18 प्रस्तुत करते हुए कहा कि सरकार अनुसूचित जातियों, अनुसूचित जनजातियों और अल्पसंख्यकों की कल्याण योजनाओं के कार्यान्वयन पर विशेष जोर दे रही है ।
बजट 2017-18 में अनुसूचित जातियों के लिए आवंटन 38,833 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 52,393 करोड़ रुपये किया गया है, जो लगभग 35 प्रतिशत अधिक है। वित्त मंत्री ने कहा कि अनुसूचित जनजातियों के लिए आवंटन बढ़ाकर 31,920 करोड़ रुपये और अल्पसंख्यक मामलों के लिए आवंटन बढ़ाकर 4,195 करोड़ रुपये किया गया है। सरकार नीति आयोग द्वारा इन क्षेत्रों में व्यय की परिणाम आधारित निगरानी की शुरुआत करेगी।