आधार विधेयक को धन विधेयक के तौर पर लोकसभा में पारित करने के खिलाफ दाखिल याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने अटॉर्नी जनरल मुकुल रोहतगी से मदद मांगी है। याचिका कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जयराम रमेश की ओर से दाखिल की गई है।
चीफ जस्टिस टीएस ठाकुर की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय पीठ ने फिलहाल इस याचिका पर नोटिस जारी करने से इनकार करते हुए कहा कि पहले अटॉर्नी जनरल की राय जाननी चाहिए। पीठ ने याचिका की प्रति अटॉर्नी जनरल को मुहैया कराने के लिए कहा है।
साथ ही पीठ ने याचिकाकर्ता को आधार की संवैधानिक वैधानिक को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट में हो रही सुनवाई की हालिया स्थिति बताने के लिए कहा है।
इससे पहले याचिकाकर्ता की ओर से पेश वरिष्ठ वकील पी चिदम्बरम और कपिल सिब्बल ने कहा कि आधार विधेयक को धन विधेयक के तौर पर लोकसभा द्वारा पारित करना पूरी तरह से असंवैधानिक है। उन्होंने इस मामले में केंद्र सरकार को नोटिस जारी करने की गुहार की, लेकिन पीठ ने कहा कि पहले हम इसे लेकर अटॉर्नी जनरल की राय जान लेते हैं।
मालूम हो कि गत 16 मार्च को बजट सत्र के दौरान आधार को धन विधेयक के तौर पर पेश किया और उसे पारित कर लिया गया। राज्यसभा द्वारा किए गए संशोधन को लोकसभा ने नकार दिया।