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इलाहाबाद HC के आदेश पर SC ने लगाई रोक, खेतीहर जमीनों पर बनी मस्जिद अभी नहीं हटेगी

Fri, 27 Apr 2018 07:43 PM IST
राजीव सिन्हा, अमर उजाला, नई दिल्ली
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उत्तर प्रदेश में खेतीहर जमीनों पर स्थित मस्जिद व वक्फ की संपत्तियों को फिलहाल नहीं हटाया जाएगा। सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को खेतीहर जमीनों पर स्थित मस्जिद व वक्फ संपत्तियों को हटाने के हाईकोर्ट के आदेश पर रोक लगा दी है। न्यायमूर्ति कूरियन जोसफ की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय पीठ ने गत 23 फरवरी के इलाहाबाद हाईकोर्ट के लगभग सभी निर्देशों पर रोक लगा दी है। हालांकि पीठ ने लाउडस्पीकर पर लगी पाबंदी को हटाने से इनकार किया है। पीठ ने इस मामले में यूपी सरकार समेत अन्य को नोटिस जारी करते हए जवाब दाखिल करने के लिए कहा है।

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हाईकोर्ट ने अपने आदेश में कहा था कि जो संपत्ति वक्फ की न हो, वहां वक्फ की मस्जिद नहीं बन सकती। धार्मिक अधिकार कानून के विपरीत नहीं हो सकता। हाईकोर्ट ने कहा था कि खेतीहर जमीन पर वक्फ नहीं बनाया जा सकता क्योंकि खेतीहर जमीन का स्वामित्व राज्य सरकार का होता है। किसान महज उसका किरायेदार होता है। जब तक उसे गैरखेतिहर जमीन नहीं करार दिया जाता तब वहां वक्फ या धार्मिक स्थल का निर्माण नहीं किया जा सकता। साथ ही हाईकोर्ट ने राजमार्गों, सड़कों, गलियों के यातायात में अवरोध उत्पन्न कर रहे जनवरी, 2011 के बाद अतिक्रमण कर बने मंदिर-मस्जिद समेत तमाम धार्मिक स्थलों को हटाने के आदेश दिए थे। 

हाईकोर्ट ने कहा था कि सड़क पर अतिक्रमण करना किसी का कोई मौलिक अधिकार नहीं है। साथ ही हाईकोर्ट ने कहा कि जनवरी 2011 से पहले अतिक्रमण कर बने धार्मिक स्थलों को छह महीने के भीतर किसी दूसरी जगह शिफ्ट किया जाए। वास्तव में हाईकोर्ट ने यह आदेश फतेहपुर के चौरयानी गांव में खेतीहर जमीन पर बनी मस्जिद को अवैध करार देते हुए ये निर्देश दिए थे। 
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कोर्ट ने जिलाधिकारी द्वारा वहां नमाज न पढ़ने के आदेश को सही ठहराया था। कोर्ट ने कहा था कि वक्फ संपत्ति पर ही वक्फ मस्जिद बनाई जा सकती है, न कि दूसरे की जमीन पर। वक्फ बनाने वाला भी जमीन का मालिक होना चाहिए। वक्फ बोर्ड में पंजीकरण मात्र से कोई वक्फ वैध नहीं हो जाता। कोर्ट ने मुख्य सचिव को तीन महीने के भीतर अनुपालन रिपोर्ट देने के लिए कहा था। हाईकोर्ट में इस मामले में सुनवाई 24 मई को होनी है।  

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