प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने न्यायमूर्ति एसके कौल और न्यायमूर्ति सुधांशु धूलिया की पीठ को बताया कि अगर वे एक सप्ताह पहले धनशोधन रोधी एजेंसी को सूचित करते हैं तो उनकी विदेश यात्रा को सुगम बनाने के लिए आवश्यक आदेश जारी किए जाएंगे। शीर्ष अदालत ने 24 जुलाई को ईडी से यह बताने को कहा था कि क्या पूर्व में अदालत की अनुमति से विदेश यात्रा करने वाले दंपति के खिलाफ लुक आउट सर्कुलर जारी किया गया था।
ईडी की ओर से पेश अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल (एएसजी) एसवी राजू ने आज सुनवाई के दौरान कहा कि जहां तक अभिषेक बनर्जी का सवाल है, ईडी ने पहले ही एलओसी में ढील दी है और उन्हें 26 जुलाई से 20 अगस्त तक यात्रा करने की अनुमति दी है। राजू ने कहा कि बनर्जी की पत्नी रुजिरा को भी कई बार विदेश यात्रा की अनुमति दी गई है।
न्यायमूर्ति कौल ने कहा, 'समस्या यह है... जब कोई (विदेश जाता है) तो आप कहते हैं कि हमने ऐसा नहीं किया (एलओसी जारी) और हमने अनुमति दे दी है।' उन्होंने कहा, 'एलओसी के लंबित रहने से ऐसा परिदृश्य पैदा होता है कि किसी को कहीं न कहीं रोक दिया जाता है। ऐसा नहीं किया जाता है। आपका समय बर्बाद होता है और मेरा समय बर्बाद होता है।'
पीठ ने राजू से कहा, 'एक एलओसी है। आपको एलओसी याद है, बस इतना ही काफी है। उन्हें जब भी जाना होगा, वे अनुमति मांगेंगे। वे आपको पहले ही सूचित कर देंगे।' जब एएसजी ने तर्क दिया कि कथित कोयला तस्करी घोटाले में दंपति के खिलाफ गंभीर आरोप लगाए गए हैं, तो पीठ ने कहा, यह अभियोजन पक्ष का बोझ है कि वह सभी उचित संदेहों से परे अपने मामले को साबित करे।