सुप्रीम कोर्ट ने कर्नाटक को सात से 18 अक्टूबर तक रोजाना 2000 क्यूसेक कावेरी का पानी तमिलनाडु को देने के लिए कहा है। साथ ही शीर्ष अदालत ने कावेरी प्रबंधन बोर्ड के गठन के निर्देश को फिलहाल टाल दिया है।
न्यायमूर्ति दीपक मिश्रा की अध्यक्षता वाली पीठ ने हालांकि केंद्र जल आयोग के चेयरमैन की अध्यक्षता वाली उच्च स्तरीय समिति को कावेरी बेसिन क्षेत्रों की जमीनी हकीकत का आकलन कर रिपोर्ट दाखिल करने के लिए कहा है। समिति में कर्नाटक, तमिलनाडु, केरल और पुड्डचेरी के प्रतिनिधि भी हैं।
बुधवार को सुनवाई केदौरान कर्नाटक की ओर से बताया गया कि पांच से 30 सितंबर के बीच तमिलनाडु को 17.5 टीएमसी पानी दिया गया। वहीं तमिलनाडु की ओर से कहा कि बावजूद इसके4.6 टीएमसी पानी की कमी है। अगली सुनवाई 18 अक्टूबर को होगी।