पाकिस्तान के साथ बढ़ते तनाव के बीच एयर चीफ मार्शल अरूप राहा ने कहा कि यह सरकार तय करेगी कि किसी भी हमले में वायुसेना का इस्तेमाल करना है या नहीं। राहा के मुताबिक सिर्फ वायुसेना ही नहीं नौसेना और थल सेना भी किसी भी चुनौती का सामना करने को पूरी तरह तैयार है। पठानकोट हमले से सबक लेते हुए वायुसेना के जवानों और अधिकारियों को आतंकवादियों का मुकाबला करने की खास ट्रेनिंग दी जा रही है।
मंगलवार को सालाना प्रेस कांफ्रेंस में राहा ने कहा कि पिछले कुछसालों में वायुसेना की ताकत में भारी इजाफा हुआ है। लेकिन इसे और मजबूत करने की गुंजाईश है। राहा ने जानकारी दी कि सुखोई विमान से अति ताकतवर ब्रह्मोस मिसाइल को हवा से जमीन पर दागने का सफल परीक्षण पूरा कर लिया गया है। आने वाले सालों में वायुसेना में कई उन्नत किस्म के लडाकू विमान और उपकरण शामिल किए जाएंगे। पांचवी पीढी केलडाकूविमान के लिए रुस केसाथ मेक इन इंडिया के तहत कई करार किए जा रहे हैं। वायुसेना को मजबूत बनाने के लिए 2027 तक की योजना सरकार ने तैयार कर ली है।
पाकिस्तान समर्थित आतंकवाद पर राहा ने कहा कि पठानकोट हमले से वायुसेना ने कई सबक लिया है। अब वायुसेना के सभी ठिकानों पर सुरक्षा संबंधी उपकरण के साथ जवानों और अधिकारियों को भी आतंकवादियों से मुकाबला करने की खास ट्रेनिंग दी जा रही है।