मुस्लिम पक्ष ने सुप्रीम कोर्ट से मांग की थी कि रमजान को देखते हुए ज्ञानवापी में वजू और शौचालय की व्यवस्था कराई जाए। सुप्रीम कोर्ट ने वाराणसी के जिलाधिकारी एस राजलिंगम को आम सहमति से निर्णय लेकर समस्या के समाधान कराने का आदेश दिया था।
सुप्रीम कोर्ट ने मुस्लिम नमाजियों के वजू को लेकर शुक्रवार को वाराणसी के जिलाधिकारी को निर्देश दिए हैं। कोर्ट ने पानी के साथ पर्याप्त संख्या में टब उपलब्ध कराने को कहा है। सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ और न्यायमूर्ति पीएस नरसिम्हा की पीठ को बताया कि डीएम नमाज के दौरान वजू के लिए लोगों के लिए पर्याप्त पानी के टब उपलब्ध कराएंगे।
विज्ञापन
पीठ ने कहा कि सॉलिसिटर जनरल का कहना है कि वजू को सुविधाजनक बनाने के लिए डीएम यह सुनिश्चित करेंगे कि पानी के लिए पर्याप्त संख्या में टब उपलब्ध हों।
गौरतलब है, मुस्लिम पक्ष ने सुप्रीम कोर्ट से मांग की थी कि रमजान को देखते हुए ज्ञानवापी में वजू और शौचालय की व्यवस्था कराई जाए। सुप्रीम कोर्ट ने वाराणसी के जिलाधिकारी एस राजलिंगम को आम सहमति से निर्णय लेकर समस्या के समाधान कराने का आदेश दिया था।
विज्ञापन
जिलाधिकारी ने मंगलवार को पहले मुस्लिम पक्ष और बुधवार को हिंदू पक्ष के साथ बैठक कर इस समस्या के समाधान के प्रयास किया था। अंजुमन इंतेजामिया मसाजिद कमेटी के साथ हुई बैठक में तय हुआ था कि पुराने बाथरूम को तोड़कर शौचालय बना दिया जाए और उसके ऊपर टंकी रखकर वजू की व्यवस्था कर दी जाए। इसका हिंदू पक्ष ने विरोध किया था।
गत बुधवार को हिंदूवादी संगठन के पदाधिकारियों ने जिलाधिकारी कार्यालय पर प्रदर्शन भी किया था। ज्ञानवापी के मां शृंगार गौरी मामले की वादिनी चार महिलाओं ने भी जिलाधिकारी से मिलकर स्थायी शौचालय के निर्माण के निर्णय का विरोध किया था। उनकी मांग थी कि वजू स्थल ज्ञानवापी परिसर से बाहर किया जाए।
गुरुवार को जिला प्रशासन ने आम सहमति से ज्ञानवापी के 100 मीटर दायरे में नमाजियों के लिए मोबाइल शौचालय रखवा दिए हैं। जिलाधिकारी एस राजलिंगम ने बताया कि आम सहमति से नमाजियों के लिए मोबाइल शौचालय और वजू की व्यवस्था कर दी गई है। पूरे मामले की रिपोर्ट तैयार की गई है। इसे शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट में प्रस्तुत किया जाएगा।