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Supreme Court: शीर्ष कोर्ट ने केंद्र से मांगा जवाब, OBC के लिए जाति आधारित जनगणना की मांग पर हुई सुनवाई

Sat, 24 Dec 2022 11:09 PM IST
शिव शरण शुक्ला न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

याचिका में कृष्ण कन्हैया पाल ने कहा कि 2018 में तत्कालीन केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने अबीसी आबादी की जनगणना को लेकर घोषणा की थी। उन्होंने कहा था कि 2021 की जनगणना के दौरान ओबीसी आबादी की जनगणना के आंकड़े अलग से जुटाए जाएंगे।  
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सुप्रीम कोर्ट। - फोटो : ANI
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विस्तार
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सुप्रीम कोर्ट ने आगामी जनगणना में अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के लिए जाति आधारित जनगणना के निर्देश की मांग वाली याचिका पर केंद्र और अन्य से जवाब मांगा है। मुख्य न्यायाधीश डी वाई चंद्रचूड़ और न्यायमूर्ति पीएस नरसिम्हा की पीठ ने इस मुद्दे पर सुनवाई की। इस दौरान पीठ ने ओबीसी के लिए जाति आधारित जनगणना की मांग को लेकर केंद्र सरकार, सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय और अन्य को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। मुद्दे पर दलीलों को सुनने के बाद अदालत ने इस मामले को भी इसी तरह के एक अन्य मामले के साथ सूचीबद्ध कर दिया। 

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जानकारी के मुताबिक, अधिवक्ता कृष्ण कन्हैया पाल ने शीर्ष अदालत में इस संबंध में एक याचिका दायर की थी, जिस पर शीर्ष अदालत सुनवाई कर रही थी। इसमें उन्होंने कहा था कि जाति आधारित सर्वेक्षण और जाति आधारित जनगणना की कमी के कारण सरकारें पिछड़े वर्गों के सभी वर्गों के साथ कल्याणकारी योजनाओं के लाभों को साझा करने में असमर्थ हैं। इन वर्गों में ओबीसी 'महत्वपूर्ण है।

इसके साथ ही याचिका में उन्होंने तर्क दिया गया था कि ठोस आंकड़ों के अभाव में ठोस नीतियां नहीं बनाई जा सकती हैं। अपनी याचिका में कृष्ण कन्हैया पाल ने कहा कि 2018 में तत्कालीन केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने अबीसी आबादी की जनगणना को लेकर घोषणा की थी। उन्होंने कहा था कि 2021 की जनगणना के दौरान ओबीसी आबादी की जनगणना के आंकड़े अलग से जुटाए जाएंगे। बावजूद इसके केंद्र सरकार ने 2017 में बनाए गए रोहिणी आयोग की रिपोर्ट को पेश नहीं किया। 

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