ट्रेनों में यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और सुरक्षा मानकों का पुनर्मूल्यांकन करने का निर्देश देने की गुहार संबंधी याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार और रेल मंत्रालय को नोटिस जारी किया है।
चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय पीठ ने याचिका पर सुनवाई करने का निर्णय लेते हुए केंद्र सरकार और रेल मंत्रालय को जवाब दाखिल करने के लिए कहा है।
याचिका उस महिला द्वारा दायर की गई है जिसके 30 वर्षीय इंजीनियर पति राहुल सिंह को कथित तौर पर रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) के जवानों ने चलती ट्रेन में पिटाई की थी और उसे ट्रेन से बाहर फेंक दिया था।
घटना गत महीने उत्तर प्रदेश में हुई थी। याचिका में कहा गया है कि आरपीएफ के जवान यात्रियों से वसूली कर रहे थे। राहुल इसका वीडियो बना रहा था।
इस बात से नाराज होकर आरपीएफ जवानों ने राहुल की पिटाई की और उसे ट्रेन से बाहर फेंक दिया, जिससे उसकी मौत हो गई। पीठ ने इस मामले में सीबीआई को भी नोटिस जारी किया है। पीठ ने सीबीआई को 10 हफ्ते में जवाब दाखिल करने को कहा है।
याचिका में कहा गया है कि ट्रेन में सुरक्षा नहीं के बराबर है। यात्रियों की सुरक्षा के लिए अब तक ट्रेन के भीतर सीसीटीवी कैमरे नहीं लगाए गए हैं। वकील संजीव कुमार सिंह के माध्यम से दाखिल याचिका में कहा गया है कि राहुल का शव झांसी के पास रेल पटरी के समीप पाया गया था।
इस वारदात के एक चश्मदीद ने महोबा और इलाहाबाद में रेलवे पुलिस में एफआईआर दर्ज करने की कोशिश की थी, लेकिन मुकदमा दर्ज नहीं किया गया।
बाद में घटना की जानकारी ट्विटर के माध्यम से रेल मंत्री तक पहुंचाई गई। इसके बाद जीआरपी इलाहाबाद में मुकदमा दर्ज हुआ। हालांकि अब तक किसी भी आरोपी को गिरफ्तार नहीं किया गया है।