अदालती कार्यवाही की लाइव स्ट्रीमिंग शुरू करने की दिशा में कदम बढ़ाते हुए सुप्रीम कोर्ट की ई-समिति ने सभी हितधारकों से इनपुट, फीडबैक और सुझाव आमंत्रित करते हुए मॉडल नियमों का मसौदा जारी किया है।
सुप्रीम कोर्ट के जज व ई-समिति के अध्यक्ष जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ ने सभी हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीशों को पत्र लिखकर अदालती कार्यवाही की लाइव स्ट्रीमिंग और रिकॉर्डिंग के लिए प्रारूप मॉडल नियमों पर इनपुट और सुझाव मांगे हैं। पत्र में जस्टिस चंद्रचूड़ ने कहा है कि न्याय तक पहुंच का अधिकार, संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत नागरिकों को प्राप्त है और इसके तहत लाइव अदालती कार्यवाही तक पहुंच का अधिकार भी शामिल है।
इस संबंध में जारी एक विज्ञप्ति में कहा गया है कि अधिक पारदर्शिता और न्याय तक पहुंच को बढ़ावा देने के लिए ई-समिति ने प्राथमिकता के आधार पर अदालती कार्यवाही की लाइव स्ट्रीमिंग की योजना शुरू की है। साथ ही यह भी कहा गया है कि यह नागरिकों, पत्रकारों, सिविल सोसायटी, शिक्षाविदें और कानून के छात्रों के लिए जनहित के मामलों सहित महत्वपूर्ण मामलों की लाइव अदालती कार्यवाही तक पहुंच को सक्षम बनाएगा, जो भौगोलिक सहित अन्य मुद्दों के कारण संभव नहीं है।
मॉडल लाइव स्ट्रीमिंग नियम तैयार करने के लिए बॉम्बे, दिल्ली, मद्रास और कर्नाटक हाईकोर्ट के न्यायाधीशों की एक उप समिति भी बनाई गई थी। समिति ने व्यापक विचार-विमर्श किया और स्वप्निल त्रिपाठी बनाम भारत के सर्वोच्च अदालत (2018) में सुप्रीम कोर्ट के निर्णय में प्रतिपादित सिद्धांतों को ध्यान में रखा। कहा गया है कि कोर्ट की कार्यवाही की लाइव स्ट्रीमिंग और रिकॉर्डिंग के लिए ड्रॉफ्ट मॉडल नियमों पर सुझाव और इनपुट 30 जून, 2021 से पहले ईमेल आईडी
ecommittee@aij.gov.in पर भेजे जा सकते हैं।
सुप्रीम कोर्ट की ई-समिति, भारत सरकार के न्याय विभाग के साथ मिलकर राष्ट्रीय नीति व कार्य योजना के तहत भारतीय न्यायपालिका में सूचना और संचार प्रौद्योगिकी (आईसीटी) के कार्यान्वयन के लिए काम कर रही है।