मुंबई में डांस बारों पर पैसे उड़ाने को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने नए निर्देश दिए हैं। सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि बार बालाओं पर पैसे उड़ाना गलत है इसकी इजाजत नहीं दी सकती है। कोर्ट ने कहा कि इससे महिला के गौरव को ठेस पहुंचती है और यह शिष्टाचार के खिलाफ भी है। कोर्ट ने यह भी कहा कि पैसा उड़ाने से महिलाओं को बुरा लगेगा या अच्छा इससे कोई फर्क नहीं पड़ता।
दरअसल राज्य सरकार की ओर से आए नए एक्ट में नोट उड़ाने पर जिक्र किया गया था और इसका समर्थन कोर्ट ने भी किया है। हालांकि लंबे समय से चले आ रहे इस मामले में नोट न उड़ाने वाले नए बदलाव पर बार मालिकों ने नाराजगी जताई है और इस एक्ट में कमियां निकाली हैं।
अश्लील डांस करने पर तीन साल की सजा का प्रावधान रखा गया है जबकि IPC में अश्लीलता के तहत तीन माह की सजा का प्रावधान है। एक्ट में कहा गया है कि अगर डांस बार का लाइसेंस है तो आर्केस्ट्रा का लाइसेंस नहीं मिलेगा।