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SC: राज्य बार काउंसिल चुनावों की निगरानी के लिए समिति गठित, 31 जनवरी-30 अप्रैल तक चुनाव कराने के निर्देश

Tue, 18 Nov 2025 07:29 PM IST
निर्मल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली।

सार

SC: सुप्रीम कोर्ट ने विभिन्न राज्य बार काउंसिल के चुनाव की निगरानी के लिए एक उच्चाधिकार प्राप्त समिति का गठन किया है। कोर्ट ने यह भी निर्देश दिया कि 31 जनवरी से 30 अप्रैल तक चुनाव कराए जाएं। चुनाव कई चरणों में होंगे। 
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सुप्रीम कोर्ट - फोटो : एएनआई (फाइल)
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विस्तार
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सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को एक उच्चाधिकार प्राप्त पर्यवेक्षक समिति का गठन किया, जो राज्यों की 16 बार काउंसिल में चुनावों की निगरानी करेगी। इस समिति को शीर्ष कोर्ट के सेवानिवृत्त जज की अध्यक्षता में बनाया गया है। शीर्ष कोर्ट ने कहा कि चुनाव प्रक्रिया न्यायसंगत, निष्पक्ष और पारदर्शी होनी चाहिए।
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जस्टिस  सूर्यकांत, जस्टिस उज्जल भुइयां और जस्टिस एन कोटिश्वर सिंह की बेंच ने राज्यों की बार काउंसिल के चुनाव कई चरणों में में कराने के निर्देश दिए। बेंच ने कहा कि प्रत्येक बार निकाय में 31 मार्च, 2026 तक एक नया निर्वाचित बार निकाय होना चाहिए। 

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बेंच ने कहा कि उच्चाधिकार प्राप्त समिति की अध्यक्षता शीर्ष कोर्ट के एक सेवानिृत्त जज करेंगे और इसमें हाईकोर्ट के एक सेवानिवृत्त चीफ जस्टिस और एक प्रतिष्ठित वरिष्ठ वकील शामिल होंगे, जो बार काउंसिल के चुनाव लड़ेंगे। हालांकि, शीर्ष कोर्ट ने खुली अदालत में दिए आदेश में समिति के तीन सदस्यों के नाम नहीं बताए।   

इसमें उत्तर प्रदेश और तेलंगाना जैसे कुछ राज्य बार काउंसिल के नाम भी शामिल हैं, जहां 31 जनवरी को मतदान होगा। इसी तरह आंध्र प्रदेश, दिल्ली और त्रिपुरा जैसे अन्य बार काउंसिल में चुनाव दूसरे चरण में फरवरी में होंगे। तीसरे और चौथे चरण के मतदान के लिए अन्य बार काउंसिल के नाम भी घोषित किए गए हैं। 
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शीर्ष कोर्ट ने कहा कि सभी राज्य बार काउंसिल के चुनाव राज्य स्तरीय उच्चाधिकार प्राप्त चुनाव निगरानी समितियों की प्रत्यक्ष निगरानी में होंगे, जिनके सदस्य विभिन्न हाईकोर्ट के सेवानिवृत्त जज होंगे। बार काउंसिल ऑफ इंडिया के अध्यक्ष और वरिष्ठ वकील मनन कुमार मिश्रा सहित कई वकीलों ने बताया कि कानून की डिग्रियों के सत्यापन के लिए चल रहे अभियान के कारण बार काउंसिल के चुनाव में देरी हो रही है। 




 
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