सुप्रीम कोर्ट ने सपा नेता व उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री आजम खान के खिलाफ जारी वारंट पर रोक लगाने से इनकार करते हुए उन्हें बुधवार को इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ के समक्ष पेश होने को कहा है। उत्तर प्रदेश जल निगम से संबंधित एक मामले में समन के बावजूद पेश न होने पर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने आजम खान के खिलाफ जमानती वारंट जारी कर छह मार्च को पेश होने के लिए कहा था। आजम खान यूपी जल निगम के चेयरमैन भी हैं।
चीफ जस्टिस जेएस खेहर की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय पीठ ने मंगलवार को आजम खान के खिलाफ जारी वारंट के मामले में दखल देने से इनकार करते हुए आजम खान को बुधवार को हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ के समक्ष दोपहर दो बजे हाजिर होने के लिए कहा है। पीठ ने आजम खान से कहा कि वह अपनी बातें हाईकोर्ट के समक्ष रखें। इससे पहले आजम खान की ओर से पेश वरिष्ठ वकील वी गिरी ने पीठ से कहा कि वह हाईकोर्ट में पेश होने और वहां अपनी बातें रखने को तैयार हैं।
उन्होंने कहा कि चुनाव प्रचार के कारण वह व्यस्त थे, जिस कारण अदालत में पेश नहीं हो सके। साथ ही उन्होंने कहा कि इस मामले से आजम खान का कोई लेना देना नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि आजम खान ने हाईकोर्ट से 11 मार्च के बाद की तारीख लगाने के लिए कहा था, लेकिन हाईकोर्ट ने इनकार कर दिया।
मालूम हो कि इस मामले में हाईकोर्ट ने जल निगम के चेयरमैन आजम खान के साथ ही एमडी और चीफ इंजीनियर को एक मार्च को पेश होने के लिए कहा था। एमडी और चीफ इंजीनियर तो पेश हुए, लेकिन आजम खान पेश नहीं हुए। इसके बाद हाईकोर्ट ने आजम खान के खिलाफ जमानती वारंट जारी करते हुए उन्हें छह मार्च को पेश होने के लिए कहा था।