दिल्ली में प्रदूषण के मामले को लेकर मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। कोर्ट ने केंद्र सरकार से सारे पक्षों से बात कर 48 घंटे में साझा न्यूनतम प्लान लाने को कहा और साथ ही स्मॉग अलर्ट सिस्टम बनाने को भी कहा है। इस सिस्टम के तहत यह तय किया जाए कि स्मॉग का लेवल बढ़ने के साथ कौन से आपातकालीन कदम उठाए जाएं।
मुख्य न्यायाधीश टीएस ठाकुर ने कहा कि बीजिंग, पेरिस और सिंगापुर में जिस तरह इमरजेंसी के तहत सिटी की गतिविधियों को बंद करने का प्लान होता है, क्या आपके पास ये ग्रेड सिस्टम है?
वहीं दिल्ली सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में कहा कि उसके पास छह वेक्यूम क्लीनर मशीनें हैं, जिनमें से दो ही चल रही हैं 17 मशीनें और चाहिए।
दरसअल, प्रदूषण को लेकर कोर्ट में दायर याचिका में कहा गया है कि उसने पहले कई निर्देश दिए थे, लेकिन उन्हें प्रभावी तरीके से लागू नहीं किया गया है। जिसकी वजह से पब्लिक इमरजेंसी जैसे हालात हो गए है।विज्ञान और पर्यावरण केंद्र की सुनीता नारायण के अदालत को बताया था कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा पिछले साल जारी किए गए निर्देशों को प्रभावी तरीके से लागू नहीं किया गया।