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Delhi Pollution: दिल्ली में वायु प्रदूषण के गंभीर हालात पर तत्काल सुनवाई नहीं, सुप्रीम कोर्ट ने कही यह बात

Thu, 10 Nov 2022 01:24 PM IST
सुरेंद्र जोशी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

याचिका में कहा गया था कि दिल्ली एनसीआर में वायु प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए सरकार को सख्त कदम उठाने और पराली जलाने पर पूर्ण रोक के निर्देश दिए जाएं। पीठ ने याचिकाकर्ता से पूछा, क्या प्रतिबंध से इसमें मदद मिलेगी? क्या पाबंदी को पंजाब या उत्तर प्रदेश के प्रत्येक किसान पर लागू किया जा सकता है? 

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सुप्रीम कोर्ट - फोटो : Social Media
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विस्तार
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सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली एनसीआर में गंभीर वायु प्रदूषण को लेकर दायर एक याचिका पर आज तत्काल सुनवाई से इनकार कर दिया। इन दिनों दिल्ली में प्रदूषण के हालात इतने विकट हैं कि लोगों का सांस लेना दूभर है।

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याचिका में कहा गया था कि दिल्ली एनसीआर में वायु प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए सरकार को सख्त कदम उठाने और पराली जलाने पर पूर्ण रोक के निर्देश दिए जाएं। आसपास के राज्यों में पराली जलाए जाने से राष्ट्रीय राजधानी की आबो हवा में दमघोंटू धुआं भर जाता है। इस पर सीजेआई डीवाई चंद्रचूड की अध्यक्षता वाली पीठ ने यह मामला सिर्फ न्यायपालिका के दायरे में नहीं आता है। पीठ में जस्टिस हिमा कोहली और जस्टिस जेबी पारदीवाला शामिल थे।

पंजाब-यूपी के हर किसान पर लागू कर सकते हैं पाबंदी?
पीठ ने याचिकाकर्ता से पूछा, क्या प्रतिबंध से इसमें मदद मिलेगी? क्या पाबंदी को पंजाब या उत्तर प्रदेश के प्रत्येक किसान पर लागू किया जा सकता है? इसके बाद कोर्ट ने कहा कि कुछ मामलों पर अदालतें गौर कर सकती हैं और कुछ पर नहीं, क्योंकि वे मामले न्यायिक रूप से उत्तरदायी नहीं होते हैं। 
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पीठ ने यह टिप्पणी तब की जब अधिवक्ता शशांक शेखर झा ने अपनी याचिका की तत्काल सुनवाई के लिए सीजेआई की पीठ के समक्ष उल्लेख किया। इससे पहले एक अलग पीठ ने मामले को 10 नवंबर को सुनवाई के लिए पोस्ट किया था। 

मुख्य सचिवों को तलब करने का आग्रह
याचिका में दिल्ली, पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिवों को तलब करने और कहीं भी पराली जलाने के किसी भी मामले के लिए व्यक्तिगत रूप से उन्हें जिम्मेदार बनाने का निर्देश देने की मांग की गई है।

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