सुप्रीम कोर्ट ने उस याचिका पर सुनवाई से इनकार कर दिया है, जिसमें शीर्ष अदालत के जजों की सेवानिवृत्त की आयु बढ़ाने की गुहार की गई थी। वर्तमान में सुप्रीम कोर्ट के जज 65 वर्ष की आयु में सेवानिवृत्त होते हैं।
चीफ जस्टिस टीएस ठाकुर की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय पीठ ने इस बारे में संवैधानिक प्रावधानों का हवाला देते हुए कहा कि सुप्रीम कोर्ट के जजों की सेवानिवृत्ति की आयु संविधान द्वारा निर्धारित की गई है। ऐसे में इस पर गौर करने का मतलब नहीं बनता। इसके बाद याचिकाकर्ता विधि छात्र विभोर आनंद ने याचिका वापस ले ली।
याचिका में कहा गया था कि जब संविधान लागू हुआ, तब चिकित्सकीय सुविधाओं के अभाव के कारण सेवानिवृत्ति की आयु 65 वर्ष निर्धारित की गई थी लेकिन अब स्थिति बदल गई है। बेहतर चिकित्सा सेवाओं के कारण अब लोगों की औसतन आयु बढ़ गई है, लिहाजा सुप्रीम कोर्ट के जजों की सेवानिवृत्ति की आयु बढ़नी चाहिए और इसके लिए केंद्र सरकार को
निर्देश जारी किया जाना चाहिए।