सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने पटना उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश के. विनोद चंद्रन को शीर्ष अदालत के न्यायाधीश के रूप में पदोन्नत करने की सिफारिश की। इसके अलावा बॉम्बे उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश देवेंद्र कुमार उपाध्याय को दिल्ली उच्च न्यायालय में स्थानांतरित करने और तेलंगाना उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश आलोक अराधे को बॉम्बे उच्च न्यायालय में स्थानांतरित करने की सिफारिश की गई।
न्यायमूर्ति बीआर गवई, सूर्यकांत, हृषिकेश रॉय और अभय ओका की सदस्यता वाले सर्वोच्च न्यायालय के कॉलेजियम ने कहा कि न्यायमूर्ति चंद्रन उच्च न्यायालय के न्यायाधीशों की संयुक्त अखिल भारतीय वरिष्ठता सूची में 13वें स्थान पर हैं। केरल उच्च न्यायालय से आने वाले न्यायाधीशों की वरिष्ठता में न्यायमूर्ति विनोद चंद्रन पहले नंबर पर हैं। उनके नाम की सिफारिश करते समय कॉलेजियम ने इस तथ्य को ध्यान में रखा है कि केरल उच्च न्यायालय से सर्वोच्च न्यायालय की पीठ में कोई प्रतिनिधित्व नहीं है। इसलिए कॉलेजियम ने सर्वसम्मति से सिफारिश की है कि न्यायमूर्ति विनोद चंद्रन को भारत के सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश के रूप में नियुक्त किया जाए।
कॉलेजियम के एक अन्य प्रस्ताव में बॉम्बे हाईकोर्ट के न्यायाधीश देवेंद्र कुमार उपाध्याय को दिल्ली हाईकोर्ट में स्थानांतरित करने की सिफारिश की गई। न्यायमूर्ति विभु बाखरू वर्तमान में दिल्ली हाईकोर्ट के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश के रूप में कार्य कर रहे हैं, जबकि न्यायमूर्ति मनोहर को सुप्रीम कोर्ट में पदोन्नत किया गया है। कॉलेजियम ने तेलंगाना हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश आलोक अराधे को बॉम्बे हाईकोर्ट में स्थानांतरित करने की भी सिफारिश की।इसने अतिरिक्त न्यायाधीश न्यायमूर्ति कर्दक एटे और मृदुल कुमार कलिता को गोहाटी हाईकोर्ट के स्थायी न्यायाधीश के रूप में नियुक्त करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी।