सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने न्यायपालिका में नियुक्तियों को लेकर बड़ा फैसला लिया है। कोर्ट ने पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट में 10 अधिवक्ताओं को न्यायाधीश नियुक्त करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। यह निर्णय भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाले सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम की 4 मई को आयोजित बैठक में लिया गया।
किन अधिवक्ताओं को मिली मंजूरी?
कॉलेजियम द्वारा जिन अधिवक्ताओं के नामों को स्वीकृति दी गई है, उनमें मोनिका छिब्बर शर्मा, हरमीत सिंह देओल, पूजा चोपड़ा, सुनीश बिंदलिश, नवदीप सिंह, दिव्या शर्मा, रविंदर मलिक, प्रविन्द्र सिंह चौहान, राजेश गौर और मिंदरजीत यादव शामिल हैं।
इन नामों में प्रविंद्र सिंह चौहान का नाम विशेष रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि वे वर्तमान में हरियाणा सरकार के एडवोकेट जनरल के रूप में कार्यरत हैं। वहीं, हरमीत सिंह देओल पंजाब सरकार के अतिरिक्त महाधिवक्ता हैं। इन नियुक्तियों से पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में लंबित मामलों के निपटारे में तेजी आने की उम्मीद जताई जा रही है।
लंबे समय से रिक्त पदों को भरने की जा रही थी मांग
पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट देश के प्रमुख उच्च न्यायालयों में से एक है, जहां पंजाब, हरियाणा और केंद्र शासित प्रदेश चंडीगढ़ से जुड़े मामलों की सुनवाई होती है। लंबे समय से न्यायाधीशों के रिक्त पदों को भरने की मांग की जा रही थी। ऐसे में कॉलेजियम का यह फैसला न्यायिक व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।
इसके अलावा, सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट में भी तीन न्यायिक अधिकारियों को न्यायाधीश नियुक्त करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। जिन अधिकारियों के नामों पर सहमति बनी है, उनमें सुनीथा गांधीम, अलापति गिरिधर और पुरुषोत्तम कुमार चिंतलापुडी शामिल हैं।
कॉलेजियम की ओर से मंजूरी मिलने के बाद अब इन नामों को केंद्र सरकार के पास भेजा जाएगा। केंद्र की स्वीकृति और राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद इन नियुक्तियों की आधिकारिक अधिसूचना जारी की जाएगी।